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Ghazipur News: गांव की तस्वीर बदल पत्नी संग बने गणतंत्र दिवस के मेहमान
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गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर होने वाली राष्ट्रीय परेड में विशेष अतिथि के रूप में पंचायतों के प्रधान और उनके जीवनसाथी सहित प्रदेश के कुल 106 प्रतिभागियों को राष्ट्रीय परेड देखने के लिए आमंत्रित किया गया है। इसमें जनपद से ग्राम प्रधान कौशल किशोर राय अपनी पत्नी निर्मला राय के साथ शामिल होंगे हैं। उन्होंने अपने गांव पाली की तस्वीर बदलने के लिए सरकारी नौकरी से त्यागपत्र तक दे दिया।
जनपद मुख्यालय से 42 किमी दूर मऊ और बलिया जनपद की सीमा पर पाली गांव स्थित है। इस गांव की आबादी करीब पांच हजार है। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति के डॉ. आलोक कुमार राय के चचेरे भाई कौशल किशोर राय इस गांव के प्रधान हैं। बताते हैं कि गांव का पिछड़ापन दूर करने के लिए उन्होंने राजस्व निरीक्षक मऊ के पद से इस्तीफा दे दिया। तीन साल पहले हुए प्रधानी चुनाव में उतर गए और रिकॉर्ड 424 मतों से विजयी हुए।
डीपीआरओ अंशुल मौर्या के अनुसार, चुनाव जीतने के बाद उन्होंने सबसे मां सती धाम के पोखर और बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया। करीब 80 लाख रुपये से गांव में अमृत सरोवर का निर्माण करवाया। प्राथमिक विद्यालय का नया भवन, पंचायत भवन का निर्माण करवाया।
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ग्राम प्रधान के ही प्रयास से गांव पाली से वाराणसी तक के लिए रोडवेज बस सेवा शुरू हुई। डीपीआरओ के अनुसार, पाली गांव में विकास कार्य कराने पर ही उनके नाम का चयन दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर होने वाले कार्यक्रम के लिए किया गया है।
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जनपद मुख्यालय से 42 किमी दूर मऊ और बलिया जनपद की सीमा पर पाली गांव स्थित है। इस गांव की आबादी करीब पांच हजार है। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति के डॉ. आलोक कुमार राय के चचेरे भाई कौशल किशोर राय इस गांव के प्रधान हैं। बताते हैं कि गांव का पिछड़ापन दूर करने के लिए उन्होंने राजस्व निरीक्षक मऊ के पद से इस्तीफा दे दिया। तीन साल पहले हुए प्रधानी चुनाव में उतर गए और रिकॉर्ड 424 मतों से विजयी हुए।
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डीपीआरओ अंशुल मौर्या के अनुसार, चुनाव जीतने के बाद उन्होंने सबसे मां सती धाम के पोखर और बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया। करीब 80 लाख रुपये से गांव में अमृत सरोवर का निर्माण करवाया। प्राथमिक विद्यालय का नया भवन, पंचायत भवन का निर्माण करवाया।
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ग्राम प्रधान के ही प्रयास से गांव पाली से वाराणसी तक के लिए रोडवेज बस सेवा शुरू हुई। डीपीआरओ के अनुसार, पाली गांव में विकास कार्य कराने पर ही उनके नाम का चयन दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर होने वाले कार्यक्रम के लिए किया गया है।