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Ghazipur News: गरीबों का राशन हजम करने वाले अपात्रों के नाम सूची से हटाए जाएंगे
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गाजीपुर। गरीबों को मिलने वाला मुफ्त खाद्यान्न हजम कर रहे लोगों के नाम सूची से हटेंगे। आपूर्ति विभाग करीब 50 हजार संभावित अपात्र राशन कार्डधारकों का सत्यापन करा रहा है। इसमें मृत लोगों के नाम जहां हटाए जाएंगे वहीं शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशिष्ट आय सीमा से अधिक आय वाले अपात्रों के कार्ड निरस्त किए जाएंगे। अंत्योदय राशन कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलोग्राम और पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच किग्रा राशन दिया जा रहा है। इसमें गेंहू और चावल दोनों शामिल है। भारत सरकार की ओर से राशनकार्ड के लिए मानक तय किए गए हैं, जिसमें अंत्योदय राशनकार्ड गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को जारी किए जाते हैं। वहीं, पात्र गृहस्थी राशन के लिए 16 मानक निर्धारित हैं, जिसमें शहरी क्षेत्र में तीन लाख रुपये से कम आय और ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख रुपये से कम आय हो।
वहीं ग्रामीण क्षेत्र में परिवार के पास पांच एकड़ से कम भूमि हो आदि मानक शामिल हैं। विभिन्न जिलों में ऐसे कई अपात्र हैं जिनके पास कार, शस्त्र लाइसेंस, पांच एकड़ से अधिक भूमि या पक्का मकान है वे भी नि:शुल्क राशन का लाभ ले रहे हैं। इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आधार कार्ड में दर्ज विवरण के आधार पर समीक्षा की जा रही है। राशन कार्ड के अपात्रों को चिह्नित कर उसकी सूची विभिन्न जिलों को भेजी गई है। इसका सत्यापन कर अपात्रों के नाम सूची से हटाने के निर्देश हैं। जिला पूर्ति अधिकारी अनंत प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में करीब 50 हजार ऐसे संभावित अपात्र हैं जिनका बीडीओ स्तर से सत्यापन कराया जा रहा है। जांच में अपात्र पाए जाने वालों के नाम सूची से हटाए जाएंगे। अपात्रों की पहचान करना सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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वहीं ग्रामीण क्षेत्र में परिवार के पास पांच एकड़ से कम भूमि हो आदि मानक शामिल हैं। विभिन्न जिलों में ऐसे कई अपात्र हैं जिनके पास कार, शस्त्र लाइसेंस, पांच एकड़ से अधिक भूमि या पक्का मकान है वे भी नि:शुल्क राशन का लाभ ले रहे हैं। इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आधार कार्ड में दर्ज विवरण के आधार पर समीक्षा की जा रही है। राशन कार्ड के अपात्रों को चिह्नित कर उसकी सूची विभिन्न जिलों को भेजी गई है। इसका सत्यापन कर अपात्रों के नाम सूची से हटाने के निर्देश हैं। जिला पूर्ति अधिकारी अनंत प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में करीब 50 हजार ऐसे संभावित अपात्र हैं जिनका बीडीओ स्तर से सत्यापन कराया जा रहा है। जांच में अपात्र पाए जाने वालों के नाम सूची से हटाए जाएंगे। अपात्रों की पहचान करना सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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