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गंभीर हाल में प्रसूता को दूसरे अस्पताल भेजा, मौत होने पर ताला लगाकर भागे

Thu, 08 Sep 2022 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Sep 2022 11:57 PM IST
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The mother was sent to another hospital in critical condition, she ran away after locking her in death.
बिरनो थाना से महज सौ मीटर की दूरी पर अवैध ढंग से संचालित हो रहे एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद जच्चा की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाकर महिला का शव अस्पताल के सामने आजमगढ़ रोड पर रखकर जाम लगा दिया। मामले की सूचना पर पहुंचे बिरनो थानाध्यक्ष ने परिजनों को समझा-बुझाकर दो घंटे बाद जाम को समाप्त कराया। वहीं मृतका के परिजन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।
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जंगीपुर थाना क्षेत्र के सेखुवापुर बघोल गांव निवासी धीरेंद्र बनवासी की पत्नी रेनू वनवासी (22) ने पवन हास्पिटल में आपरेशन से बच्चे को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने परिजनों से कहा कि वे जच्चा को गाजीपुर के अस्पताल में ले जाएं। महिला के परिजनों का आरोप है कि बिना रेफर कागज के गाजीपुर के सिंह हास्पिटल के लिए उन्हें भेज दिया गया। वहां जाने पर डॉक्टरों ने मरीज को एडमिट करने से साफ मना कर दिया। ऐसे वे लोग दुबारा मरीज को लेकर पवन अस्पताल पहुंचे। लेकिन तब तक चिकित्सक वहां ताला बंद कर फरार हो चुके थे। ऐसे में प्रसूता की मौत हो गई।
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प्रसूता की मौत से आक्रोशित परिजनों ने मुआवजे और चिकित्सक सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग को लेकर एनएच 31 को जाम कर दिया। जाम करीब दो घंटे तक चला। पुलिस ने समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया और आरोपियों पर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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पूर्व सीएमओ ने हास्पिटल को किया था सीज
बिरनो। पवन हास्पिटल को लेकर चर्चाएं आम हैं कि यहां आए दिन ऐसी घटनाएं होतीं रहतीं हैं। लेकिन स्वास्थ्य महकमा की मेहरबानी से इसका अवैध रूप से संचालन होता है। हास्पिटल को पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) के द्वारा सीज किया गया था, लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी के बदलने के बाद फिर से पवन हास्पिटल का संचालन शुरू हो गया।
अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ, एमबीबीएस तो छोड़िए सामान्य मेडिकल की डिग्री भी किसी कर्मचारी के पास नहीं है। किसी बाहरी डाक्टर के नाम पर बोर्ड लगाकर अस्पताल का संचालन किया जाता है। जबकि इस अस्पताल में सर्दी, जुकाम, बुखार से लेकर प्रसव और आपरेशन सब कुछ कराया जाता है। ऐसे में बृहस्पतिवार को जब प्रसूता की हालत गंभीर होने पर उसे गाजीपुर भेजने के बाद मौके की नजाकत देखकर अस्पताल संचालकों ने वहां भर्ती अन्य मरीजों को घर भेजकर अस्पताल में ताला बंदकर फरार हो गए।

एक महीने पहले मुहम्मदाबाद में सीज हुआ था अवैध हास्पिटल
गाजीपुर। करीब एक महीना पहले मुहम्मदाबाद के नवापुरा मोड़-हरिवल्लमपुर मार्ग पर चल रहे अवैध हास्पिटल को वहां की एसडीएम ने सीज किया था। शिकायत मिली थी कि आपरेशन का डिलेवरी के दौरान बच्चे की मौत हो गई थी। इलाज के लिए 20 हजार रुपये दिये गए थे। लेकिन महिला को डिस्चार्ज करने के लिए 20 हजार व टांका कटवाने आने पर 10 हजार और देने की मांग की जा रही है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी हर्षिता तिवारी ने जब महिला कर्मी से हास्पिटल का कागजात मांगा तो वह कुछ नहीं दिखा सकी। अवैध रूप से संचालित हो रहा था। इसके बाद हास्पिटल के मुख्य गेट पर ताला बंद कर उसे सीज कर दिया गया था।
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