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Ghazipur News: जिले में शटलर्स के सपनों को लगेंगे पंख
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गाजीपुर। बैडमिंटन के शौकीन और इस खेल के जरिए अपने सपनों को उड़ान भरने वाले खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें इसकी प्रैक्टिस के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। शहर के नेहरू स्टेडियम स्थित बैडमिंटन कोर्ट का जिला खेल कार्यालय की ओर से कायाकल्प कराया जाएगा। इसके तहत सिंथेटिक फ्लोरिंग बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए सात लाख दस हजार की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
शहर के गोराबाजार स्थित नेहरू स्टेडियम में करीब तीन दशक पहले बैडमिंटन कोर्ट की स्थापना कराई गई थी। यह कोर्ट काफी पुराना है और उसकी हालत बहुत अच्छी नहीं है। इसके चलते बैडमिंटन में अपना भविष्य तलाश रहे होनहारों को असुविधा महसूस हो रही थी। यही नहीं वर्तमान में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के सभी मैच सिंथेटिक कोर्ट पर खेले जा रहे हैं। ऐसे में इसकी जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। वजह लकड़ी के फर्श की तुलना में सिंथेटिक फर्श को प्राथमिकता दी जाती है। खिलाड़ियों की इस जरूरत को गंभीरता से लेते हुए जिला खेल कार्यालय सिंथेटिक फ्लोरिंग बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण कराने जा रहा है। यह रखरखाव मुक्त है और इससे घुटने, पैर, पिंडलियों एवं टखनों पर खराब प्रभाव नहीं पड़ता है। इसे दो महीने में पूरा कराया जाना है। करीब सात लाख दस हजार की लागत से होने वाले कोर्ट के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था नामित कर दी गई है। इसके साथ ही बैडमिंटन हाल की रंगाई-पुताई का कार्य भी कराया जाना है। पिछले दिनों स्टेडियम परिसर में हाई मास्ट लाइट भी लगवाई गई है। यही नहीं कुछ सप्ताह पहले हाल में रोशनी की व्यवस्था भी की गई थी।
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जिलाधिकारी की ओर से क्रिटिकल गैप से चार लाख 10 हजार एवं राइफल क्लब से तीन लाख की धनराशि सिंथेटिक फ्लोरिंग बैडमिंटन कोर्ट के निर्माण के लिए उपलब्ध कराई गई है।- अरविंद यादव, जिला क्रीड़ाधिकारी 0000
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इनसेट
तैनात हुए पांच और प्रशिक्षक
गाजीपुर। जिला खेल कार्यालय की ओर से विभिन्न खेल कैंपों का संचालन किया जा रहा है। पूर्व में फुटबाल, हाकी, कबड्डी एवं एथलेटिक्स के कैंप संचालित थे। इसी क्रम में हाकी के दो कैंप, खो-खो, भारोत्तोलन एवं वालीबाल के प्रशिक्षकों की तैनाती हुई है। अब इन खेलों से जुड़े बच्चों को इनका प्रशिक्षण मिल सकेगा।
(फोटो भी)
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शहर के गोराबाजार स्थित नेहरू स्टेडियम में करीब तीन दशक पहले बैडमिंटन कोर्ट की स्थापना कराई गई थी। यह कोर्ट काफी पुराना है और उसकी हालत बहुत अच्छी नहीं है। इसके चलते बैडमिंटन में अपना भविष्य तलाश रहे होनहारों को असुविधा महसूस हो रही थी। यही नहीं वर्तमान में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के सभी मैच सिंथेटिक कोर्ट पर खेले जा रहे हैं। ऐसे में इसकी जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। वजह लकड़ी के फर्श की तुलना में सिंथेटिक फर्श को प्राथमिकता दी जाती है। खिलाड़ियों की इस जरूरत को गंभीरता से लेते हुए जिला खेल कार्यालय सिंथेटिक फ्लोरिंग बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण कराने जा रहा है। यह रखरखाव मुक्त है और इससे घुटने, पैर, पिंडलियों एवं टखनों पर खराब प्रभाव नहीं पड़ता है। इसे दो महीने में पूरा कराया जाना है। करीब सात लाख दस हजार की लागत से होने वाले कोर्ट के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था नामित कर दी गई है। इसके साथ ही बैडमिंटन हाल की रंगाई-पुताई का कार्य भी कराया जाना है। पिछले दिनों स्टेडियम परिसर में हाई मास्ट लाइट भी लगवाई गई है। यही नहीं कुछ सप्ताह पहले हाल में रोशनी की व्यवस्था भी की गई थी।
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जिलाधिकारी की ओर से क्रिटिकल गैप से चार लाख 10 हजार एवं राइफल क्लब से तीन लाख की धनराशि सिंथेटिक फ्लोरिंग बैडमिंटन कोर्ट के निर्माण के लिए उपलब्ध कराई गई है।- अरविंद यादव, जिला क्रीड़ाधिकारी 0000
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तैनात हुए पांच और प्रशिक्षक
गाजीपुर। जिला खेल कार्यालय की ओर से विभिन्न खेल कैंपों का संचालन किया जा रहा है। पूर्व में फुटबाल, हाकी, कबड्डी एवं एथलेटिक्स के कैंप संचालित थे। इसी क्रम में हाकी के दो कैंप, खो-खो, भारोत्तोलन एवं वालीबाल के प्रशिक्षकों की तैनाती हुई है। अब इन खेलों से जुड़े बच्चों को इनका प्रशिक्षण मिल सकेगा।
(फोटो भी)