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Ghazipur News: न्यायालय ने सेवानिवृत्त 4 पुलिस कर्मियों की सजा रखी बरकरार
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट संजय के लाल की अदालत ने 35 वर्ष पुराने मारपीट के मामले में हुए निचली अदालत के फैसले को मंगलवार को बरकरार रखा। साथ ही चार सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों चार आरोपियों एसआई सुदमा यादव, कांस्टेबल धर्मदेव तिवारी, कांस्टेबल भीम सिंह और कांस्टेबल ईश नारायण लाल को दोषी करार दिया।
अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गाजीपुर के एक फरवरी 2025 के निर्णय बरकरार रखा है। अभियोजन के मुताबिक यह मामला वर्ष 1991 का है। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक कुबेरनाथ सिंह के साथ तत्कालीन मरदह थाने की पुलिस कर्मियों द्वारा मारपीट कर घायल करने का आरोप लगा था।
घटना के बाद शिक्षक के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए, जिन्हें बाद में सीबीसीआईडी की जांच में गलत पाया गया। मामले में वर्ष 1993 में तत्कालीन थानाध्यक्ष एमए काजी सहित पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
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सीबीसीआईडी की विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल हुआ। इस मामले में पहले भी दोषसिद्ध हो चुकी थी, जिसके खिलाफ आरोपियों की ओर से अपील की गई थी। अपील पर सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट की अदालत ने चार पुलिस कर्मियों को दोषी करार दिया।
अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गाजीपुर के 1 फरवरी 2025 के निर्णय की पुष्टि करते हुए चारों की सजा बरकरार रखी है।
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गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट संजय के लाल की अदालत ने 35 वर्ष पुराने मारपीट के मामले में हुए निचली अदालत के फैसले को मंगलवार को बरकरार रखा। साथ ही चार सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों चार आरोपियों एसआई सुदमा यादव, कांस्टेबल धर्मदेव तिवारी, कांस्टेबल भीम सिंह और कांस्टेबल ईश नारायण लाल को दोषी करार दिया।
अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गाजीपुर के एक फरवरी 2025 के निर्णय बरकरार रखा है। अभियोजन के मुताबिक यह मामला वर्ष 1991 का है। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक कुबेरनाथ सिंह के साथ तत्कालीन मरदह थाने की पुलिस कर्मियों द्वारा मारपीट कर घायल करने का आरोप लगा था।
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घटना के बाद शिक्षक के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए, जिन्हें बाद में सीबीसीआईडी की जांच में गलत पाया गया। मामले में वर्ष 1993 में तत्कालीन थानाध्यक्ष एमए काजी सहित पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
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सीबीसीआईडी की विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल हुआ। इस मामले में पहले भी दोषसिद्ध हो चुकी थी, जिसके खिलाफ आरोपियों की ओर से अपील की गई थी। अपील पर सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट की अदालत ने चार पुलिस कर्मियों को दोषी करार दिया।
अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गाजीपुर के 1 फरवरी 2025 के निर्णय की पुष्टि करते हुए चारों की सजा बरकरार रखी है।