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Ghazipur News: सुहवल और कोतवाली पुलिस को कोर्ट ने लगाई कड़ी फटकार

Sat, 13 Dec 2025 12:55 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Dec 2025 12:55 AM IST
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The court severely reprimanded the Suhwal and Kotwali police.
गाजीपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूतन द्विवेदी के न्यायालय ने शुक्रवार को सुहवल और नगर कोतवाली पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए दो आरोपियों के रिमांड को इन्कार कर दिया। साथ ही दोनों आरोपियों को व्यक्तिगत बंधपत्र पर छोड़ दिया। न्यायालय ने दोनों मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि दोनोें आरोपी पर दर्ज धाराएं सात वर्ष से कम की सजा की है। यहीं नहीं विवेचक ने बिना विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय के समक्ष रिमांड प्रस्तुत किया है। विवेचक ने उच्चतम न्यायालय व उच्च न्यायालय के दिशा- निर्देशों का पालन नहीं किया है। ऐसे में स्पष्ट है कि विवेचक अपने कार्य के प्रति सजग नहीं है। न्यायालय ने दोनों मामले के विवेचकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी डा. ईरज राजा को पत्र भेजने का आदेश दिया है। सुहवल थाने के उपनिरीक्षक व विवेचक विरेंद्र राय ने आरोपी इंद्रपुरा डुहिया निवासी राजू चौधरी को 14 दिन के दिन के रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया। न्यायालय ने पाया कि आरोपी के खिलाफ सभी धाराएं सात वर्ष से कम की सजा वाली है। प्रपत्र देखने पर न्यायालय ने पाया कि आरोपी की गिरफ्तारी का आधार स्पष्ट नहीं था। इससे रिमांड स्वीकार किए जाने का आधार पर्याप्त नहीं है। न्यायालय ने कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि विवेचक ने उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के दिशा- निर्देश का पालन नहीं किया है। रिमांड अस्वीकार करते हुए न्यायालय ने आरोपी राजू चौधरी को 50 हजार के व्यक्तिगत बंधपत्र पर इस शर्त के साथ छोड़ा कि विवेचक द्वारा विवेचना करने पर आरोपी द्वारा सहयोग किया जाएगा।
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उधर, दूसरे मामले में शहर कोतवाली के उपनिरीक्षक विवेचक सलाहुद्दीन ने आरोपी अर्जुन पासवान को 14 दिन की रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया। न्यायालय ने पाया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज धाराएं सात वर्ष से कम की सजा की है। इसमें भी विवेचक ने गिरफ्तारी का आधार स्पष्ट नहीं किया है। न्यायालय ने कड़ी फटकार लगाते हुए टिप्पणी करते हुए कहा कि विवेचक कार्य के प्रति सजग नहीं हैं। न्यायालय ने विवेचक द्वारा प्रस्तुत रिमांड अस्वीकार करते हुए आरोपी अर्जुन पासवान को 50 हजार के व्यक्ति बंधपत्र पर इस शर्त के साथ छोड़ा कि विवेचक द्वारा विवेचना करने पर आरोपी सहयोग करेगा। यहीं नहीं न्यायालय ने दोनों विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी को आदेश के प्रति भेजने का आदेश दिया है।
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