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सड़क हादसे में दंपती की मौत
संवाददाता, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Thu, 16 Jul 2015 11:22 PM IST
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जयरामपुर मोड़ के पास गुरुवार की शाम ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार दंपती की मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद भी पुलिस के न पहुंचने से नाराज लोगों ने गाजीपुर-आजमगढ़ मार्ग पर दो घंटे तक चक्काजाम कर दिया। बाद
में सदर एसडीएम एके सिंह ने एक लाख रुपये का तत्काल मुआवजा दिलाने, कृषि बीमा योजना के तहत पांच लाख देने और भूमि आवंटित कराने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
बिरनो गांव निवासी हरिशंकर बरनवाल (40) अपनी पत्नी रेनू देवी (35) के साथ बाइक से जंगीपुर बाजार आ रहे थे। इसी दौरान शाम करीब चार बजे जयरामपुर मोड़ पर आजमगढ़ की तरफ जा रहे तेज रफ्तार ट्रक से उनकी बाइक
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टकरा गई। गंभीर रूप से घायल रेनू की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के लोगों ने तुरंत घटना की जानकारी पुलिस को दी और हरिशंकर को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां उनकी हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने उन्हें वाराणसी
रेफर कर दिया, मगर रास्ते में उनकी भी मौत हो गई। हादसे के बाद भाग रहे ट्रक चालक को दुल्लहपुर पुलिस ने पकड़ लिया। उधर, सूचना मिलने के काफी देर बाद भी पुलिस के न पहुंचने से ग्रामीण नाराज हो गए। उन्होंने पुलिस के
खिलाफ कार्रवाई करने और मुआवजा की मांग लेकर गाजीपुर-आजमगढ़ मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते वाहनों की कतारें लग गईं। जानकारी मिलने पर सदर एसडीएम एके सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनिल
सिंह, सीओ कासिमाबाद सहित चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसडीएम ने एक लाख रुपये तत्काल सहायता दिलाने, कृषि बीमा योजना के तहत पांच लाख दिलाने और भूमि आवंटित कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद
ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। हरिशंकर जनरल स्टोर की अपनी दूकान के सहारे परिवार का खर्च चलाते थे। हादसे में माता-पिता की मौत की खबर मिलते ही उनके बच्चे बिलखने लगे। उनके बच्चों में संदीप (12 वर्ष), रोशनी (10 वर्ष),
अंकित (8 वर्ष) और रंगोली (5 वर्ष) के चीखने की आवाज सुनकर पास-पड़ोस के लोग भी पहुंच गए। सभी बच्चों को चुप कराने में लगे रहे।
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में सदर एसडीएम एके सिंह ने एक लाख रुपये का तत्काल मुआवजा दिलाने, कृषि बीमा योजना के तहत पांच लाख देने और भूमि आवंटित कराने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
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बिरनो गांव निवासी हरिशंकर बरनवाल (40) अपनी पत्नी रेनू देवी (35) के साथ बाइक से जंगीपुर बाजार आ रहे थे। इसी दौरान शाम करीब चार बजे जयरामपुर मोड़ पर आजमगढ़ की तरफ जा रहे तेज रफ्तार ट्रक से उनकी बाइक
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टकरा गई। गंभीर रूप से घायल रेनू की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के लोगों ने तुरंत घटना की जानकारी पुलिस को दी और हरिशंकर को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां उनकी हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने उन्हें वाराणसी
रेफर कर दिया, मगर रास्ते में उनकी भी मौत हो गई। हादसे के बाद भाग रहे ट्रक चालक को दुल्लहपुर पुलिस ने पकड़ लिया। उधर, सूचना मिलने के काफी देर बाद भी पुलिस के न पहुंचने से ग्रामीण नाराज हो गए। उन्होंने पुलिस के
खिलाफ कार्रवाई करने और मुआवजा की मांग लेकर गाजीपुर-आजमगढ़ मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते वाहनों की कतारें लग गईं। जानकारी मिलने पर सदर एसडीएम एके सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनिल
सिंह, सीओ कासिमाबाद सहित चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसडीएम ने एक लाख रुपये तत्काल सहायता दिलाने, कृषि बीमा योजना के तहत पांच लाख दिलाने और भूमि आवंटित कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद
ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। हरिशंकर जनरल स्टोर की अपनी दूकान के सहारे परिवार का खर्च चलाते थे। हादसे में माता-पिता की मौत की खबर मिलते ही उनके बच्चे बिलखने लगे। उनके बच्चों में संदीप (12 वर्ष), रोशनी (10 वर्ष),
अंकित (8 वर्ष) और रंगोली (5 वर्ष) के चीखने की आवाज सुनकर पास-पड़ोस के लोग भी पहुंच गए। सभी बच्चों को चुप कराने में लगे रहे।