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Ghazipur News: मानसून से पहले टहनियों की करनी थी छंटाईं, 15 दिन बाद जागे बिजली निगम के अधिकारी
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गाजीपुर। बरसात का पखवाड़ा बीतने के बाद बिजली निगम को पेड़ों से गुजर रही तारों को हटाने की सुधि आई तो है लेकिन उनके काम की रफ्तार बहुत सुस्त है। बिजली निगम की ओर से ट्रांसफॉर्मरों, तारों और बिजली उपकेंद्रों के आसपास से पेड़ों की लताओं की कटाई छटाईं का कार्य शुरू किया गया है। जबकि विशेश्वरगंज, महुआबाग, बीएसए ऑफिस, अफीम फैक्ट्री, कलेक्ट्रेट, सरजू पांडेय पार्क, इंद्रपुरी कॉलोनी में तारों पर पेड़ और लताएं उलझी हुई हैं। सोमवार को अमर उजाला की टीम ने इसकी पड़ताल की। जबकि नियम के अनुसार यह कार्य मानसून से पहले पूरा हो जाना चाहिए था।
शहर और रौजा में चार बिजली उपकेंद्र और विभिन्न क्षमता के 846 ट्रांसफॉर्मर हैं। अधिकांश ट्रांसफॉर्मर झाड़-झंखाड़, पेड़ों की लताओं, टहनियों से जकड़े हैं। यही हाल बिजली उपकेंद्रों और तारों का है। खामियाजा बिजली के उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। ट्रिपिंग समस्या आने के कारण निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। इससे नगर की डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित होती है। लोग मानसून से पहले से मांग कर रहे थे कि पेड़ों की टहनियों की कटाई और छटाईं का कार्य कर लिया जाए। इसके बावजूद बिजली निगम की नींद नहीं टूटी। मानसून का समय 18 से 20 जून है। अब तक 56 एमएम बारिश हो चुकी है, तब जाकर निगम की ओर से कवायद शुरू की है।
कोट
नगर में ट्रांसफॉर्मरों, तारों और बिजली उपकेंद्रों के आसपास पेड़ों की लताओं की कटाई-छटाईं का कार्य चल रहा है। जल्द से जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मुन्नीलाल, एसडीओ नगर, बिजली निगम
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ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक काम शुरू नहीं
बिजली निगम की व्यवस्था के तहत जनपद चार डिविजनों में बंटा है। जिले में कुल 5.32 लाख उपभोक्ता हैं। नगर में देर से ही सही पेड़ों की लताओं व टहनियों के कटाई तथा छटाईं का कार्य शुरू हो चुका है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक यह कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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शहर और रौजा में चार बिजली उपकेंद्र और विभिन्न क्षमता के 846 ट्रांसफॉर्मर हैं। अधिकांश ट्रांसफॉर्मर झाड़-झंखाड़, पेड़ों की लताओं, टहनियों से जकड़े हैं। यही हाल बिजली उपकेंद्रों और तारों का है। खामियाजा बिजली के उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। ट्रिपिंग समस्या आने के कारण निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। इससे नगर की डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित होती है। लोग मानसून से पहले से मांग कर रहे थे कि पेड़ों की टहनियों की कटाई और छटाईं का कार्य कर लिया जाए। इसके बावजूद बिजली निगम की नींद नहीं टूटी। मानसून का समय 18 से 20 जून है। अब तक 56 एमएम बारिश हो चुकी है, तब जाकर निगम की ओर से कवायद शुरू की है।
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कोट
नगर में ट्रांसफॉर्मरों, तारों और बिजली उपकेंद्रों के आसपास पेड़ों की लताओं की कटाई-छटाईं का कार्य चल रहा है। जल्द से जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मुन्नीलाल, एसडीओ नगर, बिजली निगम
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ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक काम शुरू नहीं
बिजली निगम की व्यवस्था के तहत जनपद चार डिविजनों में बंटा है। जिले में कुल 5.32 लाख उपभोक्ता हैं। नगर में देर से ही सही पेड़ों की लताओं व टहनियों के कटाई तथा छटाईं का कार्य शुरू हो चुका है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक यह कार्य शुरू नहीं हो पाया है।