{"_id":"614f5dd28ebc3eab7c7ecc69","slug":"the-amount-will-be-sent-to-the-parent-s-account-ghazipur-news-vns61370966","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी यूनिफार्म, स्वेटर और जूता-मोजा की धनराशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी यूनिफार्म, स्वेटर और जूता-मोजा की धनराशि
विज्ञापन
गाजीपुर। परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को मिलने वाला यूनिफॉर्म, स्वेटर एवं जूता-मोजा का पैसा इस बार उनके अभिभावकों के खाते में भेजा जाएगा। डीबीटी के लिए बच्चों के अभिभावकों के खाता एवं आधार की सूचना पोर्टल पर फीड की जा रही है। आगामी माह में अभिभावकों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।
जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब दो लाख अस्सी हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को शासन की ओर से ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग आदि मुहैया कराया जाता रहा है। इस बार एमडीएम के कनवर्जन कॉस्ट की तरह ही ड्रेस का पैसा भी बच्चों के अभिभावकों के खाते में सीधे डीबीटी के जरिए भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत इस सत्र में यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता-मोजा आदि का पैसा बच्चों के अभिभावकों के खाते में भेजने की तैयारी चल रही है। इसके लिए सभी बच्चों एवं उनके अभिभावकों का विवरण पोर्टल पर फीड कराया जा रहा है। पोर्टल पर फीडिंग के बाद बच्चों के अभिभावकों के खाते में करीब 11 सौ की धनराशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी। अभिभावकों को अपने बच्चों का यूनिफॉर्म, स्वेटर एवं जूता-मोजा खुद खरीदना होगा। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित कुमार राय ने बताया कि अभिभावकों के खाता एवं आधार की सूचना पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। जिन अभिभावकों के खाता आधार से लिंक नहीं होंगे, उनके खाते में धनराशि भेज पाना संभव नहीं होगा। शासन से सीधे अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी। अक्तूूबर में डीबीटी के जरिए अभिभावकों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब दो लाख अस्सी हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को शासन की ओर से ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग आदि मुहैया कराया जाता रहा है। इस बार एमडीएम के कनवर्जन कॉस्ट की तरह ही ड्रेस का पैसा भी बच्चों के अभिभावकों के खाते में सीधे डीबीटी के जरिए भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत इस सत्र में यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता-मोजा आदि का पैसा बच्चों के अभिभावकों के खाते में भेजने की तैयारी चल रही है। इसके लिए सभी बच्चों एवं उनके अभिभावकों का विवरण पोर्टल पर फीड कराया जा रहा है। पोर्टल पर फीडिंग के बाद बच्चों के अभिभावकों के खाते में करीब 11 सौ की धनराशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी। अभिभावकों को अपने बच्चों का यूनिफॉर्म, स्वेटर एवं जूता-मोजा खुद खरीदना होगा। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित कुमार राय ने बताया कि अभिभावकों के खाता एवं आधार की सूचना पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। जिन अभिभावकों के खाता आधार से लिंक नहीं होंगे, उनके खाते में धनराशि भेज पाना संभव नहीं होगा। शासन से सीधे अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी। अक्तूूबर में डीबीटी के जरिए अभिभावकों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।
विज्ञापन