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पहदरिया गांव में भ्रष्टाचार की जांच के लिए टीम गठित

Tue, 01 Sep 2020 10:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2020 10:12 PM IST
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Team formed to investigate corruption in Pahadaria village
गाजीपुर। जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों के लिए आवंटित धन में गोलमाल के मामले एक-एक कर समाने आते जा रहे हैं। गांवों में विकास के सपने टूट रहे हैं। जनप्रतिनिधि सरकारी धन का बंदरबांट करने में जुटे हैं। ऐसे मामलों को लेकर जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य काफी गंभीर हैं। ‘अमर उजाला’ 17 अगस्त के अंक में ग्राम पंचायत में मनरेगा और दूसरी योजना के बंदरबाट की शिकायत की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस प्रकरण में भी डीएम ने जांच टीम गठित कर दी है। यह मामला करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के पहदरिया ग्राम पंचायत का है, जहां भ्रष्टाचार की शिकायत ग्रामीणों ने की है। जांच टीम से एक महीने के भीतर रिपोर्ट साक्ष्य के साथ सौंपने का निर्देश दिया है।
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बाराचवर विकास खंड के पहदरिया ग्राम पंचायत में तारकेश्वर सिंह और अन्य लोगों की शिकायत है कि वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों के लिए आवंटित राशि और कराए जाने वाले कार्यों की जांच करवाई जाए। अति. कार्यक्रम अधिकारी बाराचवर को जांच की जिम्मेवारी दी गई। आरोप है कि जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से सहयोग लेने के बजाया सीधे प्रधान से मिले और गांव के बाहर स्कूल में बैठकर सांठगांठ किया। इसपर ग्रामीणों ने आवाज उठाई और कहा कि बिना भौतिक परीक्षण के ही अधिकारी ने जांच पूरा करने की कोशिश की। इसपर जांच अधिकारी और सचिव ने टाल-मटोल किया और मौके पर अभिलेख नहीं होने के नाम पर वापस हो गए। इसके बाद सरहंग किस्म के ग्राम प्रधान ने आवाज उठाने वाले लोगों के साथ गाली-गलौच भी किया। मामले को गंभीरता से लेकर डीएम ओम प्रकाश आर्य ने धर्मेंद्र कुमार सहायक अभियंता लघु सिंचाई को मामले की बारीकी से जांच के निर्देश दिया है। उन्होंने जांच के बिंदुओं का निर्धारण करते हुए अधिकतम 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिया है।
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इन बिंदुओं पर तलब की डीएम ने रिपोर्ट:
-आरोप की मदें और अभ्यारोपणों का विवरण।
-उस व्यक्ति की प्रतिरक्षा जिसके विरूद्घ जांच की गई है।
-आरोप की प्रत्येक मद के संबंध में साक्ष्य का नियर्धारण।
-आरोप की प्रत्येक मद पर निष्कर्ष और उसके कारण।
तलब साक्ष्य:
-गवाहों के बयान।
तकर्ताओं के बयान।
-विकास कार्यों या आरोपों के स्थलीय फोटोग्राफ।
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