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मानवाधिकार हनन रोकने का लें संकल्प
ब्यूरो/अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Thu, 10 Dec 2015 11:49 PM IST
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विश्व भर में मानवाधिकार हनन की घटनाएं बढ़ीं हैं। मानवाधिकार दिवस पर सभी को मानवाधिकार हनन की घटनाएं रोकने का संकल्प लेना होगा। ये बातेें अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन जगन्नाथ ने तहसील विधिक सेवा समिति की ओर से गुरुवार को तहसील सभागार में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में कहीं।
उन्होंने कहा कि मानवाधिकार का हनन रोकने के लिए समाज के हर व्यक्ति को अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। समाज के लोग यह तय कर लें कि वे मानवाधिकार की रक्षा करेंगे तो यह कार्य असंभव नहीं है। सिविल जज
जूनियर डिवीजन नंदकुमार ने कहा कि मानवाधिकार अंतर्राष्ट्रीय संस्थान है। अधिकार और कर्तव्य दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। आदमी का एक मात्र अधिकार कर्तव्य पालन करने की है। संविधान में समता का अधिकार दिया गया
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है। मानव को गरिमा से जीने का अधिकार है। संविधान में दिये गए मौलिक अधिकार का हनन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरस्कार वापस कर रहे साहित्यकार देश का अपमान कर रहे हैं। विधिक सेवा समिति के
सचिव/तहसीलदार उमेशचन्द निगम ने कहा कि मानवाधिकार समाज के हर व्यक्ति का अधिकार है। मानवाधिकार का उल्लंघन वहीं होता है जहां हम अपना कर्तब्य हम भूल जाते हैं। हम सबको पता है कि हमें क्या करना है लेकिन हम
अपने अधिकार की बात तो करते है लेकिन कर्तब्य का पालन नहीं करते। अगर हर व्यक्ति अपने कर्तब्य का पालन करने लगे तो एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण स्वत: हो जाएगा। इस अवसर पर रजिस्ट्रार कानूनगो ह्रदय नरायण, सुभाष
यादव, शिवशंकर यादव, योगेंद्र यादव, आलोक राय, हरिशनरायन सिंह, दयाशंकर दूबे, कुबेर राम, पीपी राय मौजूद रहे। संचालन शेषनाथ राय ने किया।
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उन्होंने कहा कि मानवाधिकार का हनन रोकने के लिए समाज के हर व्यक्ति को अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। समाज के लोग यह तय कर लें कि वे मानवाधिकार की रक्षा करेंगे तो यह कार्य असंभव नहीं है। सिविल जज
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जूनियर डिवीजन नंदकुमार ने कहा कि मानवाधिकार अंतर्राष्ट्रीय संस्थान है। अधिकार और कर्तव्य दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। आदमी का एक मात्र अधिकार कर्तव्य पालन करने की है। संविधान में समता का अधिकार दिया गया
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है। मानव को गरिमा से जीने का अधिकार है। संविधान में दिये गए मौलिक अधिकार का हनन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरस्कार वापस कर रहे साहित्यकार देश का अपमान कर रहे हैं। विधिक सेवा समिति के
सचिव/तहसीलदार उमेशचन्द निगम ने कहा कि मानवाधिकार समाज के हर व्यक्ति का अधिकार है। मानवाधिकार का उल्लंघन वहीं होता है जहां हम अपना कर्तब्य हम भूल जाते हैं। हम सबको पता है कि हमें क्या करना है लेकिन हम
अपने अधिकार की बात तो करते है लेकिन कर्तब्य का पालन नहीं करते। अगर हर व्यक्ति अपने कर्तब्य का पालन करने लगे तो एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण स्वत: हो जाएगा। इस अवसर पर रजिस्ट्रार कानूनगो ह्रदय नरायण, सुभाष
यादव, शिवशंकर यादव, योगेंद्र यादव, आलोक राय, हरिशनरायन सिंह, दयाशंकर दूबे, कुबेर राम, पीपी राय मौजूद रहे। संचालन शेषनाथ राय ने किया।