फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Swami Sahajanand made farmers aware

Ghazipur News: स्वामी सहजानंद ने किसानों को जागरूक किया

Sun, 15 Feb 2026 11:37 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Feb 2026 11:37 PM IST
विज्ञापन
Swami Sahajanand made farmers aware
शहर के स्टेशन रोड स्थित भाकपा के जिला कार्यालय भारद्वाज भवन सभागार में गोष्ठी को संबोधित करते अ
गाजीपुर। भारत में संगठित किसान आंदोलन के जनक स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती भारद्वाज भवन स्थित सभागार में रविवार को मनाई गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन क्षीरसागर ने कहा कि स्वामीजी ने 1936 में अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना की थी। यह किसानों के अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया। उन्होंने किसानों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया और उन्हें संगठित किया, जिससे किसानों में एकता और संघर्ष की भावना विकसित हुई।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसानों को आर्थिक शोषण के खिलाफ संगठित करना था, जिससे कई स्थानों पर किसानों ने अपने हक के लिए संघर्ष किया और जीत हासिल की।
विज्ञापन

किसानों की भलाई औऱ उनको शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए उन्होंने जीवन भर संघर्ष किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि स्वामी जी का किसानों का शोषण ख़त्म करने का उद्देश्य आज भी शेष है। आज वर्तमान सरकार कॉरपोरेट घरानों के लिए काम कर रही है। ऐसी दशा में किसानों को संगठित करके बड़ा संघर्ष करना होगा। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र यादव ने कहा कि उनके विचार और संघर्ष आज भी भारतीय किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। उनके योगदान ने न केवल किसानों के अधिकारों की रक्षा की, बल्कि शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जातिविहीन, धार्मिक अंधविश्वास की भावना से किसानों को मुक्त करते हुए किसान मजदूरों का राज कायम करने के लिए स्वामीजी के विचारों से ओतप्रोत कर संगठन को व्यापक बनाना होगा। जब तक हम अपनी मंजिल को प्राप्त नहीं कर लेते तब तक किसान विरोधी सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष करना होगा। इस मौके पर भाकपा की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य अमेरिका सिंह यादव, रामनगीना कुशवाहा, डॉ. इक़बाल अंसारी, किसान सभा के जिला संयोजक प्रेमनारायण पांडेय, उपाध्यक्ष राजदेव यादव, रामअवध, शमीम अहमद, दीना सिंह ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता किसान सभा के जिलाध्यक्ष अशोक मिश्र एवं संचालन शशिकांत कुशवाहा ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वामी सहजानंद की मनाई गई जयंती

गाजीपुर। शहर के टैक्सी स्टैंड स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बसु स्मारक समिति के सभागार में रविवार को स्वामी सहजानंद सरस्वती की 137वीं जयंती मनाई गई। समिति के सदस्यों ने स्वामी सहाजनंद सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। साथ ही गोष्ठी में वक्ताओं ने उनके विचारों और उनके कार्यों पर चर्चा की। इस मौके पर व्यास मुनि राय, कामेश्वर द्विवेदी, डाॅ. श्रीकांत पांडेय, रामनाथ ठाकुर, बाबूलाल, ओम नारायण प्रधान आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष युधिष्ठिर तिवारी और संचालन दिनेशचंद्र शर्मा ने किया।

सहजानंद ने किसानों को संगठित किया : शंकराचार्य

दुल्लहपुर। किसानों के मसीहा स्वामी सहजानंद सरस्वती के पैतृक गांव देवा में रविवार को कार्यक्रम का आयोजन हुआ। वाराणसी राजगुरु मठ के शंकराचार्य अनंतानंद सरस्वती ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ किसानों के अधिकारों के लिए बिगुल फूंका और देशभर में किसानों को संगठित किया। उनका प्रभाव देश के किसानों और समाज के हर वर्ग पर पड़ा।


उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों की स्मृति को जीवित रखना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके संघर्ष और त्याग से प्रेरणा ले सकें। आज से सौ-सवा सौ वर्ष पूर्व स्वामी सहजानंद सरस्वती ने अंग्रेजों के विरुद्ध किसानों के हित में जो आंदोलन किया, वह इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज है। भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों का हित सर्वोपरि होना चाहिए। स्वामी सहजानंद सरस्वती का कथन था कि जो अन्न उपजाएगा, वही भगवान कहलाएगा। इस मौके पर अरविंद राय, अमरचंद पांडेय, अनंत पांडेय, रमेश पांडेय, नींबू यादव, मखंचू जायसवाल आदि मौजूद रहे।
स्वामी सहजानंद सरस्वती की मनाई जयंती



दुल्लहपुर। किसान आंदोलन के प्रणेता परमहंस दंडी स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती रविवार को रेलवे स्टेशन के पीछे उनकी प्रतिमा के पास श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला मंत्री अनिल कुमार पांडेय ने कहा कि 22 फरवरी 1889 को देवा गांव में बेनी राय के घर जन्मे नवरंग राय आगे चलकर स्वामी सहजानंद सरस्वती के रूप में विख्यात हुए।


उन्होंने कहा कि मात्र 16 वर्ष की आयु में उनका विवाह हुआ, लेकिन एक वर्ष बाद ही पत्नी का निधन हो गया। बचपन से ही प्रखर बुद्धि के धनी नवरंग राय ने प्राथमिक शिक्षा जलालाबाद में प्राप्त की और जूनियर हाई स्कूल परीक्षा में प्रदेश में छठवां स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। इस मौके पर रामप्यारे यति, विनोद राजभर, रामानंद जायसवाल, कमलेश चौहान, लाल बहादुर चौहान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed