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पूर्वांचल के छह जिलों में होती है गन्ने के विकसित प्रजातियों की आपूर्ति
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औड़िहार (गाजीपुर)। सैदपुर- सादात मार्ग पर कटया गांव के निकट संचालित गन्ना अनुसंधान एवं बीज संवर्धन केंद्र पूर्वांचल के किसानों के लिए
किसी संजीवनी से कम नहीं है। इस केंद्र से मऊ, बलिया, आजमगढ़, जौनपुर एवं वाराणसी के किसान लाभान्वित तो होते ही हैं साथ ही नवीनतम एवं विकसित प्रजातियों के गन्ने की आपूर्ति भी की जाती है।
इतना ही नहीं किसानों को गन्ना की खेती में आने वाली समस्याओं का निदान भी शोध केंद्र के माध्यम से किया जाता है। समय- समय पर गन्ने की फसल में रोग लगने अथवा गन्ने की उपज कम होने जैसे कारणों का समाधान यहां से होता है। किसानों द्वारा खेती में होने वाली परेशानियों की जानकारी देने पर उससे संबंधित वैज्ञानिक मौके पर पहुंचकर गन्ने का पेड़ मंगाकर उसका निराकरण करते हैं। पेड़ में लगे नये रोग का समय-समय पर शोध भी किया जाता है। पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में गन्ने की खेती करने वाले किसानों की यह मांग रहती है कि उन्हें स्वादिष्ट गुड़ एवं स्वादिष्ट गन्ने के रस वाली प्रजाति का गन्ना मिले, जो यहां आसानी से मिल जाती है। शोध केंद्र से उन्नतशील गन्ने की प्रजाति (सीओएस 10239) खूब पसंद किया जाता है। जिन खेतों में पानी लगता है, वहां के लिए भी यह प्रजाति राज्य सरकार एवं गन्ना अनुसंधान केंद्र से मान्यता प्राप्त है। गन्ना की पत्तियों में उसके ऊपर के भाग में सरई आने वाले गन्ने का भी परीक्षण किया जाता है।
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किसी संजीवनी से कम नहीं है। इस केंद्र से मऊ, बलिया, आजमगढ़, जौनपुर एवं वाराणसी के किसान लाभान्वित तो होते ही हैं साथ ही नवीनतम एवं विकसित प्रजातियों के गन्ने की आपूर्ति भी की जाती है।
इतना ही नहीं किसानों को गन्ना की खेती में आने वाली समस्याओं का निदान भी शोध केंद्र के माध्यम से किया जाता है। समय- समय पर गन्ने की फसल में रोग लगने अथवा गन्ने की उपज कम होने जैसे कारणों का समाधान यहां से होता है। किसानों द्वारा खेती में होने वाली परेशानियों की जानकारी देने पर उससे संबंधित वैज्ञानिक मौके पर पहुंचकर गन्ने का पेड़ मंगाकर उसका निराकरण करते हैं। पेड़ में लगे नये रोग का समय-समय पर शोध भी किया जाता है। पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में गन्ने की खेती करने वाले किसानों की यह मांग रहती है कि उन्हें स्वादिष्ट गुड़ एवं स्वादिष्ट गन्ने के रस वाली प्रजाति का गन्ना मिले, जो यहां आसानी से मिल जाती है। शोध केंद्र से उन्नतशील गन्ने की प्रजाति (सीओएस 10239) खूब पसंद किया जाता है। जिन खेतों में पानी लगता है, वहां के लिए भी यह प्रजाति राज्य सरकार एवं गन्ना अनुसंधान केंद्र से मान्यता प्राप्त है। गन्ना की पत्तियों में उसके ऊपर के भाग में सरई आने वाले गन्ने का भी परीक्षण किया जाता है।
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