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Ghazipur News: 26 उपकेंद्रों से आपूर्ति प्रभावित, 500 गांवों में व्यवस्था बेपटरी
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में शनिवार को पांचवें दिन भी विद्युत कर्मियों का धरना जारी रहा। इससे जनपद के 26 उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। इससे जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के करीब 500 गांवों में बिजली व्यवस्था बेपटरी रही। वहीं, कार्य बहिष्कार के दौरान बिजली विभाग को करीब सात करोड़ रुपये चपत लगने का अनुमान लगाया जा रहा है। फिलहाल कार्य स्थगन समाप्त करने को लेकर संगठन को कोई निर्देश नहीं मिला है।
सह संयोजक मिथिलेश यादव ने बताया कि विद्युत कर्मियों का 15 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देशन पर ऊर्जा मंत्री ने ऊर्जा प्रबंधन और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष के प्रतिनिधियों संग बैठक की है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा चेयरमैन एम देवराज को तत्काल हटाकर उसके संपत्ति की जांच कराई जाए ताकि विद्युत कर्मियों में बना भय समाप्त हो और स्वच्छ वातावरण में अपने कार्य को संपादित कर सके।
वहीं जिला मंत्री विजयशंकर राय ने कहा कि हमारे संविदा, निविदा कर्मियों को पंजाब, तेलंगाना, ओड़िसा, दिल्ली के तर्ज पर विभाग में समायोजित करके नियमित किया जाए। आज के दौर में यही निविदा कर्मी अपने जान को जोखिम में डालकर आम जनता के सेवा के लिए दिन रात मेहनत करते है और इन लोगों को श्रम विभाग के द्वारा न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जाती है। इन लोगों के पैसे का बंदरबाट ऊर्जा चेयरमैन एवं ठेकेदार मिलकर कर रहे है।
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मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि उत्तर प्रदेश में आबादी को देखते हुए सभी संविदा, निविदा, मीटर रीडरों को विभाग में नियमित करने के लिए तत्काल कदम उठाए। सभी निविदा और मीटर रीडर कर्मियों को साल भर से बकाया ईपीएफ बिलिंग एजेंसी स्टर्लिंग कंपनी और भारत इंटरप्राइजेज द्वारा तत्काल भुगतान किया जाए।
धरने में मुख्य रूप से अधिशासी अभियंता संजय सिंह, मनीष कुमार, हेमंत सिंह, आशीष चौहान, चंद्रपाल सिंह, सहायक अभियंता शेखर सिंह, मिठाई लाल, सुधीर कुमार, विजय यादव, कमलेश कुमार समेत सैकड़ों विद्युत कर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ई संतोष चौधरी एवं संचालन ई मिथिलेश यादव ने किया।
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सह संयोजक मिथिलेश यादव ने बताया कि विद्युत कर्मियों का 15 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देशन पर ऊर्जा मंत्री ने ऊर्जा प्रबंधन और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष के प्रतिनिधियों संग बैठक की है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा चेयरमैन एम देवराज को तत्काल हटाकर उसके संपत्ति की जांच कराई जाए ताकि विद्युत कर्मियों में बना भय समाप्त हो और स्वच्छ वातावरण में अपने कार्य को संपादित कर सके।
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वहीं जिला मंत्री विजयशंकर राय ने कहा कि हमारे संविदा, निविदा कर्मियों को पंजाब, तेलंगाना, ओड़िसा, दिल्ली के तर्ज पर विभाग में समायोजित करके नियमित किया जाए। आज के दौर में यही निविदा कर्मी अपने जान को जोखिम में डालकर आम जनता के सेवा के लिए दिन रात मेहनत करते है और इन लोगों को श्रम विभाग के द्वारा न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जाती है। इन लोगों के पैसे का बंदरबाट ऊर्जा चेयरमैन एवं ठेकेदार मिलकर कर रहे है।
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मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि उत्तर प्रदेश में आबादी को देखते हुए सभी संविदा, निविदा, मीटर रीडरों को विभाग में नियमित करने के लिए तत्काल कदम उठाए। सभी निविदा और मीटर रीडर कर्मियों को साल भर से बकाया ईपीएफ बिलिंग एजेंसी स्टर्लिंग कंपनी और भारत इंटरप्राइजेज द्वारा तत्काल भुगतान किया जाए।
धरने में मुख्य रूप से अधिशासी अभियंता संजय सिंह, मनीष कुमार, हेमंत सिंह, आशीष चौहान, चंद्रपाल सिंह, सहायक अभियंता शेखर सिंह, मिठाई लाल, सुधीर कुमार, विजय यादव, कमलेश कुमार समेत सैकड़ों विद्युत कर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ई संतोष चौधरी एवं संचालन ई मिथिलेश यादव ने किया।