{"_id":"53bf578724401be1f930c1d6d11c6f85","slug":"sucked-into-the-ganges-by-offloading-four-manda-land-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कटान से गंगा में समा गई चार मंडा भूमि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कटान से गंगा में समा गई चार मंडा भूमि
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sun, 30 Aug 2015 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सेमरा गांव के पूरब क्षेत्र में इस वर्ष सबसे ज्यादा कटान हुआ है। इसके अलावा गांव को बचाने के लिए बने ठोकर का 50 मीटर से भी अधिक हिस्सा पानी में बह गया है। ग्रामवासियों के हो-हल्ला मचाने पर विभाग की ओर से बांस-बल्ली एवं मिट्टी से भरी बोरियां डालकर उसे बचाने की कवायद की जा रही है। इस वर्ष कटान में लगभग 15 एकड़ से अधिक कृषि योग्य भूमि गंगा में समा गई। ठोकर के कुछ भाग के बह जाने से गांववासी काफी चिंतित है। गंगा का जलस्तर दो बार बढ़ने और घटने से काफी कटान हुआ है। बाढ़ का खतरा पूरे सितंबर माह तक बना हुआ है। गांव के लोगों का कहना है कि बाढ़ आने से लोगों का नुकसान नहीं होता है। लेकिन जब पानी घटना शुरू होता और उसी समय हवा तेज चली तो कटान भी तेजी से होना निश्चित है। जिन लोगों की भूमि कटान में गई उनमें जयमंगल पटेल, प्रद्युम्न यादव, मोती चंद पटेल, काशीनाथ पटेल, तुलसी पटेल आदि शामिल हैं।