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मेडिकल कॉलेज में पहली बार जबड़े का सर्जरी सफल, अब नहीं जाना पड़ेगा बीएचयू और एम्स
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महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सकों ने बुधवार को बीएचयू और एम्स की तरह सफल सर्जरी कर अपनी क्षमता को साबित किया। यहां के चिकित्सकों ने दुर्घटना में जमलापुर निवासी अभय कुमार (16) के टूटे जबड़े का सफल आपरेशन किया और उसमें प्लेट लगाया।
जमलापुर निवासी अभय कुमार (16) की एक हफ्ता पहले सड़क दुर्घटना में जबड़ा टूट गया था। ठुड्डी और बाएं तरफ का जबड़ा बीच से ही टूटने के कारण आपरेशन चुनौतीपूर्ण था। उसे जहां चोट आई थी वहीं पर चेहरे की संवेदी नस भी गुजरती है। ऐसे में सर्जरी में उसका भी ध्यान रखना था, नहीं तो मरीज को लवका भी मार सकता था।
सफल आपरेशन करने वाले चिकित्सकों में शामिल डॉ. यू विगनेश ने बताया कि बुधवार को 11 बजे आपरेशन शुरू हुआ जो एक बजे तक चला। ऐनेस्थेटेटिस्ट डॉ. उदय सिंह ने मरीज को एनेस्थेशिया दिया। इससे मरीज करीब ढाई घंटे बेहोश रहा। इसी दौरान उसके जबड़े के दोनों हिस्सों में बहुत सावधानी से प्लेट लगाकर दोनों जगहों को बिल्कुल सीधा किया गया। आपरेशन करने वाली टीम में डॉ. यू विगनेश, डॉ. अंकुर पटेल, डॉ. चित्र लेखा, डॉ. उदय सिंह, अमरदेव कुशवाहा रहे।
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उल्लेखनीय है कि पहले जिले के मरीजों को आपरेशन के लिए बीएचयू और एम्स का सहारा लेना पड़ता था।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने अपनी विशेषज्ञता साबित की है। मेडिकल कॉलेज में सर्जरी से लेकर मेडिसिन तक के बेहद अनुभवी चिकित्सक हैं। आने वाले दिनों में ये चिकित्सक जिले को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा देने की स्थिति में हैं।
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जमलापुर निवासी अभय कुमार (16) की एक हफ्ता पहले सड़क दुर्घटना में जबड़ा टूट गया था। ठुड्डी और बाएं तरफ का जबड़ा बीच से ही टूटने के कारण आपरेशन चुनौतीपूर्ण था। उसे जहां चोट आई थी वहीं पर चेहरे की संवेदी नस भी गुजरती है। ऐसे में सर्जरी में उसका भी ध्यान रखना था, नहीं तो मरीज को लवका भी मार सकता था।
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सफल आपरेशन करने वाले चिकित्सकों में शामिल डॉ. यू विगनेश ने बताया कि बुधवार को 11 बजे आपरेशन शुरू हुआ जो एक बजे तक चला। ऐनेस्थेटेटिस्ट डॉ. उदय सिंह ने मरीज को एनेस्थेशिया दिया। इससे मरीज करीब ढाई घंटे बेहोश रहा। इसी दौरान उसके जबड़े के दोनों हिस्सों में बहुत सावधानी से प्लेट लगाकर दोनों जगहों को बिल्कुल सीधा किया गया। आपरेशन करने वाली टीम में डॉ. यू विगनेश, डॉ. अंकुर पटेल, डॉ. चित्र लेखा, डॉ. उदय सिंह, अमरदेव कुशवाहा रहे।
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उल्लेखनीय है कि पहले जिले के मरीजों को आपरेशन के लिए बीएचयू और एम्स का सहारा लेना पड़ता था।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने अपनी विशेषज्ञता साबित की है। मेडिकल कॉलेज में सर्जरी से लेकर मेडिसिन तक के बेहद अनुभवी चिकित्सक हैं। आने वाले दिनों में ये चिकित्सक जिले को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा देने की स्थिति में हैं।