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मौत के सत्रह दिन बाद छात्रा का मिला बैग
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दुल्लहपुर। मीरपुर ओड़ासन निवासी बीटीसी छात्रा श्वेता की मौत के सत्रह दिन बाद सोमवार को वृंदावन स्थित नदी किनारे झाड़ियों से उसका बैग बरामद हुआ। मछली मारने वाले लोगों ने बैग देखकर परिजनों को सूचना दी। भुड़कुड़ा पुलिस बैग कब्जे में लेकर छानबीन में जुटी हुई है। मृतका के परिजनों ने हत्या कर शव नदी में फेंके जाने का आरोप लगाते हुए हत्यारों के गिरफ्तारी की मांग की है।
भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के मीरपुर ओड़ासन निवासी दर्शन राम की पुत्री श्वेता जखनिया स्थित एक कालेज से बीटीसी की पढ़ाई कर रही थी। बीते 28 जनवरी को वह साइकिल से कालेज जाने के लिए निकली थी, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटी। किसी अनहोनी की आशंका को लेकर चिंतित परिजनों ने आसपास खोजबीन करने के साथ ही भुड़कुड़ा पुलिस को इसकी सूचना दी। अगले ही दिन 29 जनवरी को उसका शव और साईकिल तालगांव स्थित बेसो नदी से बरामद होने पर गांव में कोहराम मच गया। मृतका पांच भाई और तीन बहन थी। इस घटना के सत्रह दिन बाद नदी से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर झाड़ी में कापी किताब से भरा उसका बैग मिला। मृतका के भाई मनोज कुमार समेत अन्य लोगों ने मृतका का बैग बरामद होने पर उसकी हत्या कर शव को नदी में फेंके जाने की बात कही। परिजनों ने पुलिस से इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए हत्यारे को गिरफ्तार करने की मांग की है।
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भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के मीरपुर ओड़ासन निवासी दर्शन राम की पुत्री श्वेता जखनिया स्थित एक कालेज से बीटीसी की पढ़ाई कर रही थी। बीते 28 जनवरी को वह साइकिल से कालेज जाने के लिए निकली थी, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटी। किसी अनहोनी की आशंका को लेकर चिंतित परिजनों ने आसपास खोजबीन करने के साथ ही भुड़कुड़ा पुलिस को इसकी सूचना दी। अगले ही दिन 29 जनवरी को उसका शव और साईकिल तालगांव स्थित बेसो नदी से बरामद होने पर गांव में कोहराम मच गया। मृतका पांच भाई और तीन बहन थी। इस घटना के सत्रह दिन बाद नदी से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर झाड़ी में कापी किताब से भरा उसका बैग मिला। मृतका के भाई मनोज कुमार समेत अन्य लोगों ने मृतका का बैग बरामद होने पर उसकी हत्या कर शव को नदी में फेंके जाने की बात कही। परिजनों ने पुलिस से इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए हत्यारे को गिरफ्तार करने की मांग की है।
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