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Ghazipur News: कासिमाबाद में जलाई गई पराली, ढाई हजार का लगेगा जुर्माना
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गाजीपुर। जनपद में पराली जलाने की पहली घटना प्रकाश में आई है। कृषि विभाग ने संबंधित काश्तकार को चिह्नित कर ढाई हजार रुपये जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है।
एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर कृषि विभाग सख्त है। पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए दिल्ली में सेटेलाइट से इसकी निगरानी की जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक किसान अपने खेत में जैसे ही पराली जलाएंगे, उसकी सूचना दिल्ली के माध्यम से लखनऊ और फिर जिले के कृषि विभाग को मिल जाती है। वजह दिल्ली में लगा सेटेलाइट पराली या अन्य धुंआ को पकड़ लेता है। इसके बाद अक्षांश व देशांतर की जानकारी कृषि विभाग को दी जाती है। इसी के आधार पर कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी पराली जलाने की घटना वाले गांव तक पहुंच जाते हैं। हालांकि इस तरह का पहला मामला इस वर्ष कासिमाबाद विकास खंड के महीपालपुर में सामने आया है। उप निदेशक कृषि अतींद्र सिंह के मुताबिक पराली जलाने वालों की खैर नहीं है। राजेश यादव के एक बीघा खेत में पराली जलाने की बात सामने आई है। यह जिले की पहली घटना है। टीम मौके पर गई थी। संबंधित काश्तकार पर ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
पराली में यूरिया डालकर जोताई करें
उप निदेशक कृषि अतींद्र सिंह ने बताया कि पराली में प्रति हेक्टेयर 20 किग्रा यूरिया डालकर जोताई करानी चाहिए। इससे भी फॉस्फेट तैयार होता है, जो खेत के लिए लाभदायक होता है। लेकिन, पराली जलाने से मिट्टी की साइकलिंग रुक जाती है, जिसका उत्पादन पर असर पड़ता है।
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एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर कृषि विभाग सख्त है। पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए दिल्ली में सेटेलाइट से इसकी निगरानी की जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक किसान अपने खेत में जैसे ही पराली जलाएंगे, उसकी सूचना दिल्ली के माध्यम से लखनऊ और फिर जिले के कृषि विभाग को मिल जाती है। वजह दिल्ली में लगा सेटेलाइट पराली या अन्य धुंआ को पकड़ लेता है। इसके बाद अक्षांश व देशांतर की जानकारी कृषि विभाग को दी जाती है। इसी के आधार पर कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी पराली जलाने की घटना वाले गांव तक पहुंच जाते हैं। हालांकि इस तरह का पहला मामला इस वर्ष कासिमाबाद विकास खंड के महीपालपुर में सामने आया है। उप निदेशक कृषि अतींद्र सिंह के मुताबिक पराली जलाने वालों की खैर नहीं है। राजेश यादव के एक बीघा खेत में पराली जलाने की बात सामने आई है। यह जिले की पहली घटना है। टीम मौके पर गई थी। संबंधित काश्तकार पर ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
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पराली में यूरिया डालकर जोताई करें
उप निदेशक कृषि अतींद्र सिंह ने बताया कि पराली में प्रति हेक्टेयर 20 किग्रा यूरिया डालकर जोताई करानी चाहिए। इससे भी फॉस्फेट तैयार होता है, जो खेत के लिए लाभदायक होता है। लेकिन, पराली जलाने से मिट्टी की साइकलिंग रुक जाती है, जिसका उत्पादन पर असर पड़ता है।
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