गाजीपुर। जिले के करीब 575 डिलीवरी बॉय को अब अपने दो पहिया वाहनों का व्यावसायिक परमिट लेना होगा। 1250 रुपये खर्च कर एआरटीओ कार्यालय में व्यावसायिक पंजीकरण कराना होगा। वाहन मालिकों को हर साल 2350 रुपये टैक्स भी देना पड़ेगा। परिवहन विभाग में कुल करीब 483000 वाहन पंजीकृत है। इनमें करीब 288314 बाइक हैं। इनमें से एक भी बाइक का व्यवसायिक पंजीकरण नहीं हुआ है। वहीं ऑनलाइन कंपनियों के करीब 575 से अधिक डिलीवरी बॉय है, जो बाइक से कंपनी के उत्पाद को उपभोक्ताओं के घर पहुंचाते है। परिवहन विभाग में दो पहिया, ई-रिक्शा, कैब, ऑटो, ट्रक, बस समेत 17 श्रेणी के वाहनों के व्यावसायिक पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। डिलीवरी बॉय अपने दो पहिया वाहनों को निजी वाहन के रूप में पंजीकृत कराकर चलाते हैं। घर-घर कोरियर, खाना या फिर दूधिया दूध पहुंचा रहे हैं, मगर अब ऐसा नहीं होगा। इन वाहन स्वामियों के खिलाफ एआरटीओ प्रशासन कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर व्यावसायिक में उपयोग होने वाले वाहनों का पंजीयन कामर्शियल कराने के लिए आदेश जारी कर दिया है। परमिट भी लेना होगा।