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Ghazipur News: हर महीने 98 लाख खर्च पर छुट्टा पशु सड़कों पर

Wed, 24 Dec 2025 12:14 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 24 Dec 2025 12:14 AM IST
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Stray animals on the streets at a cost of Rs 98 lakh every month
मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना और गो-आश्रय स्थलों पर हर माह करीब 98 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन सड़कों, बाजारों और खेतों में छुट्टा पशुओं की समस्या जस की तस बनी हुई है। इनकी वजह से हादसे भी हो रहे हैं।
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पशुपालन विभाग के अनुसार, सहभागिता योजना के तहत 468 पशु पालकों को 882 गोवंश सौंपे गए हैं, जिनके भरण-पोषण पर प्रति माह 13.23 लाख रुपये सीधे खातों में भेजे जाते हैं।
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वहीं जिले के 60 गो-आश्रय स्थलों के संचालन पर 85 लाख रुपये प्रति माह खर्च हो रहे हैं, जहां 6337 गोवंश संरक्षित होने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद खेतों में फसल बर्बाद हो रही है।
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राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर ग्रामीण सड़कों तक आवारा पशु हादसों का कारण बन रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतें की जाती हैं, लेकिन कार्रवाई फाइलों तक सीमित रहती है।



एक माह में 12 से अधिक घायल
सेवराई, दिलदारनगर, नगर कोतवाली और सैदपुर क्षेत्रों में अवारा सांड़ों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। केवल सेवराई क्षेत्र में बीते एक माह में 12 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। शाम ढलते ही ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन जाता है।





सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी बीडीओ और नगर निकाय क्षेत्रों में ईओ की है। -डॉ. आरके गौतम,उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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