फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Special Sessions Judge SC / ST Act court sentenced SP leader including seven to life imprisonment

गाजीपुर में सपा नेता सहित सात को आजीवन कारावास, हत्या के मामले में मिली सजा

Fri, 26 Feb 2021 12:28 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Fri, 26 Feb 2021 12:28 AM IST
विज्ञापन
Special Sessions Judge SC / ST Act court sentenced SP leader including seven to life imprisonment
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

गाजीपुर की विशेष सत्र न्यायाधीश एससी/ एसटी एक्ट गुलाब सिंह की अदालत ने गुरुवार को हत्या के मामले में सपा नेता सच्चे लाल यादव सहित सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक अभियुक्त को एक लाख सात हजार रुपये के अर्थदंड दंडित किया है। साथ ही अर्थदंड की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।

विज्ञापन


अभियोजन के अनुसार थाना नंदगंज गांव नैसारा निवासी हीरालाल राम ने 30 जून 1997 को तहरीर दी थी कि गांव के ही सच्चेलाल यादव से गांव समाज की जमीन को लेकर मुकदमा चल रहा था। जमीन के कुछ हिस्से में सच्चेलाल द्वारा विद्यालय चलाया जा रहा था और कुछ हिस्सों का हम लोग उपयोग करते थे।
विज्ञापन


उस भूमि पर मेरी पत्नी प्यारी देवी, हवलदार, राजेश, राजेंद्र, मुनेसवर, मोती, श्यामा राम, खुरमुल्ली, दुलेश्वरी देवी खेती का कार्य कर रही थी। उसी दौरान सच्चेलाल यादव, अच्छेलाल यादव, इंद्रजीत यादव, शिवाजी यादव, बच्चेलाल यादव, हारुल यादव, संजय यादव, शिवशंकर यादव, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र यादव, सुरेंद्र यादव और रामधारी ने लाठी-डंडे से धावा बोलकर मारना-पीटना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही कई बार फायरिंग भी की थी। इसमें हवलदार और राजेश गंभीर रूप से घायल हो गए। अन्य लोगों को भी मौके पर चोट आई थी। तहरीर के आधार पर थाना नंदगंज में सभी आरोपियों के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था।


इलाज के दौरान 24 अगस्त 1997 को हवलदार की मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। विवेचना उपरांत अभियुक्त जितेंद्र यादव एवं सुरेंद्र यादव को किशोर अपचारी मानते हुए उनकी पत्रावली अलग कर दी गई और शेष आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष एवं बचाव पक्ष की तरफ से बहस सुनने के बाद सजा सुनाई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed