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जिले में कार्यक्रमों को लेकर बंटे सपा कार्यकर्ता
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Wed, 02 Nov 2016 10:48 PM IST
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समाजवादी पार्टी
- फोटो : अमर उजाला
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समाजवादी पार्टी के लिए तीन और पांच नवंबर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन सपा में आमने-सामने हो चुके चाचा-भतीजे का शक्ति परीक्षण दिवस भी कहा जा सकता है। जनपद में भी इन कार्यक्रमों को लेकर हलचल तेज है। तीन नवंबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विकास रथ यात्रा में शामिल होने के लिए हजारों कार्यकर्ता लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। जबकि सपा के अन्य नेता और कार्यकर्ता सपा के रजत जयंती समारोह में शामिल होने की तैयारी में जुटे हैं। रजत जयंती समारोह को प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल का कार्यक्रम माना जा रहा है, जबकि रथ यात्रा मुख्यमंत्री अखिलेश का।
समाजवादी पार्टी में चल रहे गृहयुद्ध का असर जनपद में भी साफ देखने को मिल रहा है। दोनों नेताओं में शक्ति परिक्षण का काउंट डाउन शुरू हो गया है। दोनों के समर्थक कार्यक्रमों को बेहतर कराने के लिए युद्ध स्तर पर लग गए हैं। इसका असर खासकर मुहम्मदाबाद विधान सभा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। हाल ही में सपा में शामिल हुए कौएद के नेता और कार्यकर्ता अब भी उहापोह की स्थिति में हैं। इलाके के ज्यादातर सपा कार्यकर्ता पांच नवंबर को रजत जयंती समारोह में जाने की तैयारी को अंतिम रुप देने में लगे हैं।
प्रदेश ही नहीं देश के सभी राजनीतिक दलों की निगाहें इन दोनों कार्यक्रमों पर लगी हुई है। इन कार्यक्रमों के बहाने दोनों नेता भीड़ जुटाकर अपना शक्ति परीक्षण करने में जुटे हुए हैं। सीएम के विकास रथ यात्रा के कार्यक्रम का सफल बनाने के लिए समर्थक एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। सभी मुख्यमंत्री नजर में आना चाहते है। अब देखना है कि तीन और पांच नवंबर सपा कार्यकर्ताओं को क्या नया रास्ता दिखाता है ? इन कार्यक्रमों पर जनपद के भाजपा, बसपा और कांग्रेस नेताओं की भी निगाहें टिकी हुई हैं।
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समाजवादी पार्टी में चल रहे गृहयुद्ध का असर जनपद में भी साफ देखने को मिल रहा है। दोनों नेताओं में शक्ति परिक्षण का काउंट डाउन शुरू हो गया है। दोनों के समर्थक कार्यक्रमों को बेहतर कराने के लिए युद्ध स्तर पर लग गए हैं। इसका असर खासकर मुहम्मदाबाद विधान सभा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। हाल ही में सपा में शामिल हुए कौएद के नेता और कार्यकर्ता अब भी उहापोह की स्थिति में हैं। इलाके के ज्यादातर सपा कार्यकर्ता पांच नवंबर को रजत जयंती समारोह में जाने की तैयारी को अंतिम रुप देने में लगे हैं।
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प्रदेश ही नहीं देश के सभी राजनीतिक दलों की निगाहें इन दोनों कार्यक्रमों पर लगी हुई है। इन कार्यक्रमों के बहाने दोनों नेता भीड़ जुटाकर अपना शक्ति परीक्षण करने में जुटे हुए हैं। सीएम के विकास रथ यात्रा के कार्यक्रम का सफल बनाने के लिए समर्थक एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। सभी मुख्यमंत्री नजर में आना चाहते है। अब देखना है कि तीन और पांच नवंबर सपा कार्यकर्ताओं को क्या नया रास्ता दिखाता है ? इन कार्यक्रमों पर जनपद के भाजपा, बसपा और कांग्रेस नेताओं की भी निगाहें टिकी हुई हैं।
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