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कहीं खराब तो कहीं स्थापित ही नहीं है एक्सरे मशीन
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गाजीपुर। जिले के सरकारी अस्पतालों की हालत काफी खराब है। स्थिति यह है कि कहीं लंबे समय से खराब तो कहीं आज तक जांच की मशीन स्थापित ही नहीं हो सकी है। मुहम्मदाबाद एवं बरूईन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगी एक्स-रे मशीन खराब पड़ी हुई है। वहीं जिला महिला अस्पताल, कासिमाबाद और भदौरा में आज तक एक्स-रे के साथ अन्य जांच की मशीन नहीं लग सकी। ऐसे में उन क्षेत्र के मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं आर्थिक दंश भी झेलना पड़ रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मशीन स्थापित कराने और खराब पड़े मशीनों बदलने के नाम पर शासन को पत्र लिखने की बात कहकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
जिला महिला अस्पताल में रोजना करीब 100 महिला मरीज उपचार कराने लिए प्रतिदिन पहुंचती है। ऐसे में उन्हें अल्ट्रासाउंड संबंधित जांच के लिए निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है। यहीं नहीं एक्स-रे मशीन भी लंबे समय से यहां मौजूद नहीं है, जिससे दिक्कत का जहां उन्हें सामना करना पड़ रहा है। वहीं महंगे दामों पर निजी केंद्रों पर जांच की सुविधा लेनी पड़ती है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को देखा जाए तो बरूईन सीएचसी पर स्थापित करीब पांच वर्ष से एक्स-रे मशीन खराब पड़ी हुई, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई जा सकी है। जबकि मुहम्मदाबाद सीएचसी पर एक वर्ष से एक्स-रे मशीन खराब है। इसके अलावा कासिमाबाद और भदौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आज तक जांच की मशीन लगाई ही नहीं गई। सबसे मजे की बात तो यह है कि कासिमाबाद सीएचसी पर टेक्निनियन तैनात हैं। कमोवेश यही हाल अन्य सीएचसी भी है। हालांकि जखनिया और सैदपुर में एक्स-रे और अन्य जांच की मशीन संचालित हो रही हैं। इस संबंध में सीएमओ डा. हरगोविंद सिंह ने बताया कि बरूईन और मुहम्मदाबाद की एक्स-रे मशीन कंडोम हो चुकी है। इसके जग दूसरा मशीन लगाने के लिए पत्र शासन को भेजा गया है।
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जिला महिला अस्पताल में रोजना करीब 100 महिला मरीज उपचार कराने लिए प्रतिदिन पहुंचती है। ऐसे में उन्हें अल्ट्रासाउंड संबंधित जांच के लिए निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है। यहीं नहीं एक्स-रे मशीन भी लंबे समय से यहां मौजूद नहीं है, जिससे दिक्कत का जहां उन्हें सामना करना पड़ रहा है। वहीं महंगे दामों पर निजी केंद्रों पर जांच की सुविधा लेनी पड़ती है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को देखा जाए तो बरूईन सीएचसी पर स्थापित करीब पांच वर्ष से एक्स-रे मशीन खराब पड़ी हुई, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई जा सकी है। जबकि मुहम्मदाबाद सीएचसी पर एक वर्ष से एक्स-रे मशीन खराब है। इसके अलावा कासिमाबाद और भदौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आज तक जांच की मशीन लगाई ही नहीं गई। सबसे मजे की बात तो यह है कि कासिमाबाद सीएचसी पर टेक्निनियन तैनात हैं। कमोवेश यही हाल अन्य सीएचसी भी है। हालांकि जखनिया और सैदपुर में एक्स-रे और अन्य जांच की मशीन संचालित हो रही हैं। इस संबंध में सीएमओ डा. हरगोविंद सिंह ने बताया कि बरूईन और मुहम्मदाबाद की एक्स-रे मशीन कंडोम हो चुकी है। इसके जग दूसरा मशीन लगाने के लिए पत्र शासन को भेजा गया है।
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