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भैंस धोते वक्त पशुपालक डूबा, मौत
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सुहवल (गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के पिपरा गांव अंतर्गत गंगा घाट पर मंगलवार की शाम एक पशुपालक की नदी में डूबने से मौत हो गई। वाकया उस समय हुआ जब वह नदी किनारे अपनी भैंस को नहलाने गया था। इस बीच वह असंतुलित हो गहरे पानी में फिसल कर डूब गया। करीब एक घंटे बाद ग्रामीण और तटवर्ती मल्लाहों की मदद से पुलिस ने मृतक के शव को बरामद कर लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
क्षेत्र के पिपरा गांव निवासी उमाशंकर यादव (55) गांव के सामने गंगा नदी में शाम के वक्त अपनी भैंस नहलाने गया था। इसी बीच भैंस गहरे पानी में चली गई। तभी असंतुलित हो उमाशंकर नदी की धार में समा गया। देर शाम तक उसका कहीं अता-पता नहीं चला। घर वापस न लौटने पर घर परिजन उसकी खोजबीन करने लगे। उन्हें खोजते हुए परिवार के सदस्य जब गंगा किनारे पहुंचे, तो वहां तट पर भैंस खड़ी थी। लेकिन उमाशंकर का कहीं अता-पता नहीं चला। जबकि उसकी चप्पल गंगा नदी के तट पर पड़ी थी। परिवार वालों को समझते देर नहीं लगी। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के प्रयास से शव की तलाश शुरू की गई। तटवर्ती मल्लाहों ने जाल डालकर खोजबीन शुरू किया। करीब एक घंटे बाद शव को पानी से बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक पशुपालन के साथ ही खेती और किसानी का काम करता था। मृतक के भतीजे पप्पू यादव ने पुलिस को तहरीर दी है। जिसमें लिखा है कि मेरे चाचा उमाशंकर भैंस चराने के लिए गंगा किनारे गए थे। नदी में भैंस धोते वक्त वह नदी के गहरे पानी में डूब गए।
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क्षेत्र के पिपरा गांव निवासी उमाशंकर यादव (55) गांव के सामने गंगा नदी में शाम के वक्त अपनी भैंस नहलाने गया था। इसी बीच भैंस गहरे पानी में चली गई। तभी असंतुलित हो उमाशंकर नदी की धार में समा गया। देर शाम तक उसका कहीं अता-पता नहीं चला। घर वापस न लौटने पर घर परिजन उसकी खोजबीन करने लगे। उन्हें खोजते हुए परिवार के सदस्य जब गंगा किनारे पहुंचे, तो वहां तट पर भैंस खड़ी थी। लेकिन उमाशंकर का कहीं अता-पता नहीं चला। जबकि उसकी चप्पल गंगा नदी के तट पर पड़ी थी। परिवार वालों को समझते देर नहीं लगी। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के प्रयास से शव की तलाश शुरू की गई। तटवर्ती मल्लाहों ने जाल डालकर खोजबीन शुरू किया। करीब एक घंटे बाद शव को पानी से बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक पशुपालन के साथ ही खेती और किसानी का काम करता था। मृतक के भतीजे पप्पू यादव ने पुलिस को तहरीर दी है। जिसमें लिखा है कि मेरे चाचा उमाशंकर भैंस चराने के लिए गंगा किनारे गए थे। नदी में भैंस धोते वक्त वह नदी के गहरे पानी में डूब गए।
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