{"_id":"64bec960c191a7a5a0047c64","slug":"seeing-the-rising-water-level-of-the-ganges-the-administration-made-a-strategy-ghazipur-news-c-313-1-svns1022-1086-2023-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: बढ़ते गंगा के जलस्तर को देख प्रशासन ने बनाई रणनीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: बढ़ते गंगा के जलस्तर को देख प्रशासन ने बनाई रणनीति
विज्ञापन
डीएम ने जनपद आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे संचालन का निर्देश दिया
तटवर्ती इलाके के लोग चिंतित, राहत सामग्री के प्रि-टेंडरिंग की जानकारी ली
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। गंगा के बढ़ रहे जलस्तर को लेकर तटवर्ती इलाके के लोग चिंतित हैं। हालांकि वहीं, बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन पैनी नजर रखे हुए हैं। इसे लेकर सोमवार को रायफल क्लब में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में बैठक हुई। डीएम ने जनपद आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे संचालन का निर्देश दिया।
इसमें बताया गया कि जनपद के सैदपुर, जमानिया, सेवराई, मुहम्मदाबाद, कासिमाबाद, जखनिया और सदर में कुल 82 अतिसंवेदनशील, 104 संवेदनशील और 387 सामान्य ग्राम है, जो बाढ़ की स्थिति में प्रभावित होंगे। जनपद में कुल 124 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। बाढ़ के दौरान आपदा से निपटने के लिए 197 मंझोली, 104 बड़ी नावों, 27 गोताखोर, 364 नाविकों को लगाया गया है।
इसके अतिरिक्त 24 बाढ़ राहत केंद्र, 29 शरणालयों की स्थापना की गई हैं। वही बचाव राहत कार्य के लिए 517 आपदा मित्रों को तैनात किया गया है। इसके साथ बाढ़ प्रभावित परिवारों को अनाज सहित अन्य राहत सामग्री के लिए प्रि-टेंडरिंग की जानकारी ली।
विज्ञापन
उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में नाले-नालों आदि की सफाई और जल भराव आदि की दशा में जल निकासी के लिए आवश्यक पंप आदि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। बैठक में उन्होंने तटबंधों के कटान और दरार आदि को रोकने, नहर नालों से खरपतवार, भवन निर्माण समाग्री, मलबो को हटाए जाने संबंधित कार्य, मार्ग में आई दरारों, गढ्ढों का भराव, सीवरेज से मलबे की निकासी की व्यवस्था कराने को कहा।
इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सीएचसी और पीएचसी में वांछित दवाइयों की उपलब्धता, एंटी वेनम की पर्याप्त व्यवस्था, पशुओं के लिए चारे-पानी की व्यवस्था, जनपद में स्थापित बाढ चौकियों की 24 घंटे क्रियाशीलता ,राहत और बचाव कार्यों के लिए नावों की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। बैठक एसपी ओमवीर सिंह, सीडीओ संतोष कुमार वैश्य, एडीएम अरूण कुमार सिंह सहित सभी जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
तटवर्ती इलाके के लोग चिंतित, राहत सामग्री के प्रि-टेंडरिंग की जानकारी ली
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। गंगा के बढ़ रहे जलस्तर को लेकर तटवर्ती इलाके के लोग चिंतित हैं। हालांकि वहीं, बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन पैनी नजर रखे हुए हैं। इसे लेकर सोमवार को रायफल क्लब में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में बैठक हुई। डीएम ने जनपद आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे संचालन का निर्देश दिया।
इसमें बताया गया कि जनपद के सैदपुर, जमानिया, सेवराई, मुहम्मदाबाद, कासिमाबाद, जखनिया और सदर में कुल 82 अतिसंवेदनशील, 104 संवेदनशील और 387 सामान्य ग्राम है, जो बाढ़ की स्थिति में प्रभावित होंगे। जनपद में कुल 124 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। बाढ़ के दौरान आपदा से निपटने के लिए 197 मंझोली, 104 बड़ी नावों, 27 गोताखोर, 364 नाविकों को लगाया गया है।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त 24 बाढ़ राहत केंद्र, 29 शरणालयों की स्थापना की गई हैं। वही बचाव राहत कार्य के लिए 517 आपदा मित्रों को तैनात किया गया है। इसके साथ बाढ़ प्रभावित परिवारों को अनाज सहित अन्य राहत सामग्री के लिए प्रि-टेंडरिंग की जानकारी ली।
विज्ञापन
उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में नाले-नालों आदि की सफाई और जल भराव आदि की दशा में जल निकासी के लिए आवश्यक पंप आदि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। बैठक में उन्होंने तटबंधों के कटान और दरार आदि को रोकने, नहर नालों से खरपतवार, भवन निर्माण समाग्री, मलबो को हटाए जाने संबंधित कार्य, मार्ग में आई दरारों, गढ्ढों का भराव, सीवरेज से मलबे की निकासी की व्यवस्था कराने को कहा।
इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सीएचसी और पीएचसी में वांछित दवाइयों की उपलब्धता, एंटी वेनम की पर्याप्त व्यवस्था, पशुओं के लिए चारे-पानी की व्यवस्था, जनपद में स्थापित बाढ चौकियों की 24 घंटे क्रियाशीलता ,राहत और बचाव कार्यों के लिए नावों की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। बैठक एसपी ओमवीर सिंह, सीडीओ संतोष कुमार वैश्य, एडीएम अरूण कुमार सिंह सहित सभी जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।