जिला कारागार में विधिक सेवा सप्ताह के तहत सोमवार को विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कामायनी दुबे द्वारा जेल का निरीक्षण किया गया। बंदियों से नि:शुल्क अधिवक्ता, जेल लोक अदालत तथा उनकी जेल अपील से संबंधित अन्य समस्याओं को जाना। साथ ही दिशा-निर्देश भी दिया। बंदियों को उनके संवैधानिक अधिकारों के विषय में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। जेलर द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कुल 1036 बंदी निरुद्ध है। इसमें 930 पुरुष, 41 महिला बंदियों के साथ एक बच्चा निरुद्ध है और 72 अल्पवयस्क है। सुबह का नाश्ता-ब्रेड, चाय दोपहर का भोजन-रोटी, चावल, चना की दाल सब्जी (आलू, बैगन), शाम का भोजन-रोटी, चावल, अरहर की दाल, सब्जी (आलू, मूली)। सचिव ने कोविड-19 को देखते हुए नए बंदियों को पहले आइसोलेट रखने के साथ ही संदिग्ध लक्षण होने पर जांच और सैनिटाइजेशन के निर्देश दिए। उन्होंने कारापाल को जिला कारागार में स्थित जेल लीगल क्लीनिक पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिया, जिससे जेल में निरुद्ध बंदियों को समय से और समुचित विधिक सहायता प्राप्त हो सके। इस अवसर कारागार अधीक्षक हरिओम शर्मा, कारापाल रविंद्र यादव, कमल चंद, जेल विजिटर घनश्याम लाल श्रीवास्तव एवं विधिक प्रकोष्ठ अधिवक्ता खुर्शीदा बानों आदि उपस्थित रही।