{"_id":"fb84dd43b47aa504923c662693ed166a","slug":"sdm-office-performance-against-fraud-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जीवाड़े के खिलाफ एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जीवाड़े के खिलाफ एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Thu, 19 Mar 2015 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समाजवादी पेंशन के आवंटन में पात्र अभ्यर्थियों को योजना में शामिल न करने
विज्ञापन
एवं फर्जीवाड़े के विरोध में गुरुवार को समाज सेविका मीरा राय के नेतृत्व
में महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। समाज सेविका ने आरोप
लगाते हुए कहा कि योजना में जांच के नाम पर योग्य पेंशनार्थियों के नाम काट
दिए गए है।
जबकि विभाग की तरफ से पूर्व में बताया गया था कि पात्रों के चयन में महामाया आर्थिक मदद योजना के पेंशनार्थियों के प्रथम वरीयता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण और स्थानीय स्तर पर नगरपालिका के अधिकारियों की ओर से राजनीतिक प्रभाव में आकर पात्र लोगों को अपात्र ठहराकर सूची से इनका नाम काट दिया गया है।
10 मार्च को मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी को पत्र देकर गरीबों की पेंशन में हुई धांधली की जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी उच्चाधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर मांगों पर विचार नहीं किया गया तो तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर कुंती, सावित्री, रामदुलार, गोरखनाथ यादव, शिवकुमारी, मंतिया, राजमुनि आदि मौजूद थीं। इस संबध में उपजिलाधिकारी एसडी सिंह को पत्रक सौंपा गया। उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जबकि विभाग की तरफ से पूर्व में बताया गया था कि पात्रों के चयन में महामाया आर्थिक मदद योजना के पेंशनार्थियों के प्रथम वरीयता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण और स्थानीय स्तर पर नगरपालिका के अधिकारियों की ओर से राजनीतिक प्रभाव में आकर पात्र लोगों को अपात्र ठहराकर सूची से इनका नाम काट दिया गया है।
10 मार्च को मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी को पत्र देकर गरीबों की पेंशन में हुई धांधली की जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी उच्चाधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर मांगों पर विचार नहीं किया गया तो तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर कुंती, सावित्री, रामदुलार, गोरखनाथ यादव, शिवकुमारी, मंतिया, राजमुनि आदि मौजूद थीं। इस संबध में उपजिलाधिकारी एसडी सिंह को पत्रक सौंपा गया। उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।