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सड़क पर शुरू हुई बच्चों की पाठशाला
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Tue, 19 Jul 2016 01:08 AM IST
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सड़क पर शुरू हुई बच्चों की पाठशाला
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सदर ब्लाक में एक ऐसा परिषदीय प्रथामिक विद्यालय जिसके बच्चे बाईपास स्थित बकुलियापुर रोड पर बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर हैं। वजह विद्यालय तक जाने का रास्ता नहीं है। सड़क पर चल रही पाठशाला में पढ़ रहे बच्चों को फल एवं एडीएम वितरण कराया गया। यह तो सिर्फ एक बानगी मात्र है। जनपद के अधिकांश ब्लाक क्षेत्रों में स्थित सरकारी विद्यालयों में जल निकासी की व्यवस्था न होने से परिसर में वर्षा का पानी लगा हुआ है।
इसके चलते बच्चे पढ़ाई करने विद्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। बकुलियापुर स्थित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय तक जाने रास्ते तक की सुविधा नहीं है। खेतों की पगडंडियों के सहारे विद्यालय पहुंचने वाले बच्चों का धैर्य सोमवार को टूट गया। बच्चें सड़क पर बैठ कर पढ़ाई शुरू कर दिए। शासन की ओर से जहां परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर शिक्षित करना चाहता है। वहीं दुर्व्यवस्थाओं को देख बच्चों के अभिभावकों का परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का नामाकंन कराने से मोह भंग होता जा रहा है।
इसके चलते छात्रों की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही हैं। एक दशक पूर्व बकुलियापुर गांव में स्थापित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है।विद्यालय में पढ़ने वाले पंचम ने बताया कि अन्य मौसम में तो पगडंडियों के सहारे स्कूल पहुंच जाते हैं। बरसात में काफी जलजमाव होने के कारण स्कूल जाने में डर लगता है। उधर शिक्षकों का कहना है कि रास्ते के आभाव में स्कूल तक जाने में काफी कठनाईयों का सामना करना पड़ता है।
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विद्यालय तक पहुंचने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों सहित जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया लेकिन आज तक रास्ते की व्यवस्था नहीं गई। वहीं बच्चों ने विद्यालय तक जाने के लिए रास्ते की व्यवस्था करने के लिए जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। सड़क पर बैठक पढ़ने वाले बच्चों में सुरेश, संजना, सुशील, छोटू, साधना, खुशी, अजीत, नेहा, काजल, जुही, संजना, सानिया, सूरज, पंचम, इमरान, कविता यादव, शबनम अंसारी, शिम्पी, पूजा, आंचल, सविता, शहजादी, सुनैना, संध्या आदि मौजूद रहीं।
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इसके चलते बच्चे पढ़ाई करने विद्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। बकुलियापुर स्थित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय तक जाने रास्ते तक की सुविधा नहीं है। खेतों की पगडंडियों के सहारे विद्यालय पहुंचने वाले बच्चों का धैर्य सोमवार को टूट गया। बच्चें सड़क पर बैठ कर पढ़ाई शुरू कर दिए। शासन की ओर से जहां परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर शिक्षित करना चाहता है। वहीं दुर्व्यवस्थाओं को देख बच्चों के अभिभावकों का परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का नामाकंन कराने से मोह भंग होता जा रहा है।
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इसके चलते छात्रों की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही हैं। एक दशक पूर्व बकुलियापुर गांव में स्थापित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है।विद्यालय में पढ़ने वाले पंचम ने बताया कि अन्य मौसम में तो पगडंडियों के सहारे स्कूल पहुंच जाते हैं। बरसात में काफी जलजमाव होने के कारण स्कूल जाने में डर लगता है। उधर शिक्षकों का कहना है कि रास्ते के आभाव में स्कूल तक जाने में काफी कठनाईयों का सामना करना पड़ता है।
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विद्यालय तक पहुंचने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों सहित जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया लेकिन आज तक रास्ते की व्यवस्था नहीं गई। वहीं बच्चों ने विद्यालय तक जाने के लिए रास्ते की व्यवस्था करने के लिए जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। सड़क पर बैठक पढ़ने वाले बच्चों में सुरेश, संजना, सुशील, छोटू, साधना, खुशी, अजीत, नेहा, काजल, जुही, संजना, सानिया, सूरज, पंचम, इमरान, कविता यादव, शबनम अंसारी, शिम्पी, पूजा, आंचल, सविता, शहजादी, सुनैना, संध्या आदि मौजूद रहीं।