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सावन ने किया निराश, बांध रहे फसल बीमा से आस
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सावन मास में भी अच्छी बारिश नहीं होने से सूखे की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में किसान अब फसल बीमा योजना के विषय में सोचने लगे हैं। क्योंकि उनका मानना है कि यदि कहीं प्रकृति की मार झेलनी ही पड़ी तो कम से कम बीमा की धनराशि के रूप में कुछ सहायता तो उपलब्ध हो ही जाएगी।
मानसून आने के बाद भी अभी तक अच्छी बारिश नहीं हुई है। ऐसे में
किसानों के सामने सूखे की आशंका गहराने लगी है। जो किसान सिर्फ खेती पर ही निर्भर हैं। उनको तो भुखमरी की चिंता भी सताने लगी है। ऐसी स्थिति में किसानों का रूझान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की ओर हो चला है। कृषि विभाग के अधिकारी भी प्रकृति के रूख को देखते हुए किसानों से फसल बीमा कराने के लिए उन्हें प्रेरित कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन में धान, मक्का, उरद, अरहर और तिल आदि फसलों का बीमा कराया जा सकता है। बीमा कराने की प्रीमियम भी बीमा कंपनी और शासन ने निर्धारित कर दी है।
सूखे की आशंका को देखते हुए किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। 31 जुलाई फसल बीमा की आखिरी तारीख है। प्रीमियम की धनराशि बीमा कंपनी की ओर से पहले से ही निर्धारित है।
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प्रीतेश कुमार सिंह, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) सैदपुर
इतना चुकाना होगा प्रीमियम
मौधा। कृषि विभाग और फसल बीमा कंपनी की ओर से जिले में खरीफ सीजन के लिए प्रमुख रूप से चार फसलों को बीमा के दायरे में रखा गया है। जिसमें धान की फसल का बीमा कराने के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर अर्थात चार बीघा के लिए 1282.40 रुपए प्रीमियम के रूप में चुकाना होगा। इसी तरह मूंग के लिए 649.16 रुपए, बाजरा के लिए 627.28 रुपए और ज्वार के लिए 941.56 रुपए प्रीमियम के रूप में चुकाना होगा। सैदपुर ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी कृषि प्रीतेश कुमार सिंह ने बताया कि 2012-22 के सत्र में 715 किसानों ने 5 लाख 42 हजार 875 रुपये का बीमा कराया था। जबकि 172 किसानों ने 7 लाख 23 हजार 123 रुपये क्लेम के रूप में प्राप्त किया था।
फसल बीमा के लिए ऐसे करें आवेदन
मौधा। जिन किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड बना है। वह अपने बैंक के माध्यम से फसल का बीमा करा सकते हैं। जिन किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बना है। वह सहज जन सेवा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, शपथ पत्र और खतौनी आदि की आवश्यकता होगी। जिन किसानों का केसीसी बना है, और वह बीमा नहीं कराना चाहते हैं। उनको अपने बैंक को यह लिखकर देना होगा कि उनको बीमा की आवश्यकता नहीं है।
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मानसून आने के बाद भी अभी तक अच्छी बारिश नहीं हुई है। ऐसे में
किसानों के सामने सूखे की आशंका गहराने लगी है। जो किसान सिर्फ खेती पर ही निर्भर हैं। उनको तो भुखमरी की चिंता भी सताने लगी है। ऐसी स्थिति में किसानों का रूझान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की ओर हो चला है। कृषि विभाग के अधिकारी भी प्रकृति के रूख को देखते हुए किसानों से फसल बीमा कराने के लिए उन्हें प्रेरित कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन में धान, मक्का, उरद, अरहर और तिल आदि फसलों का बीमा कराया जा सकता है। बीमा कराने की प्रीमियम भी बीमा कंपनी और शासन ने निर्धारित कर दी है।
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सूखे की आशंका को देखते हुए किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। 31 जुलाई फसल बीमा की आखिरी तारीख है। प्रीमियम की धनराशि बीमा कंपनी की ओर से पहले से ही निर्धारित है।
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प्रीतेश कुमार सिंह, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) सैदपुर
इतना चुकाना होगा प्रीमियम
मौधा। कृषि विभाग और फसल बीमा कंपनी की ओर से जिले में खरीफ सीजन के लिए प्रमुख रूप से चार फसलों को बीमा के दायरे में रखा गया है। जिसमें धान की फसल का बीमा कराने के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर अर्थात चार बीघा के लिए 1282.40 रुपए प्रीमियम के रूप में चुकाना होगा। इसी तरह मूंग के लिए 649.16 रुपए, बाजरा के लिए 627.28 रुपए और ज्वार के लिए 941.56 रुपए प्रीमियम के रूप में चुकाना होगा। सैदपुर ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी कृषि प्रीतेश कुमार सिंह ने बताया कि 2012-22 के सत्र में 715 किसानों ने 5 लाख 42 हजार 875 रुपये का बीमा कराया था। जबकि 172 किसानों ने 7 लाख 23 हजार 123 रुपये क्लेम के रूप में प्राप्त किया था।
फसल बीमा के लिए ऐसे करें आवेदन
मौधा। जिन किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड बना है। वह अपने बैंक के माध्यम से फसल का बीमा करा सकते हैं। जिन किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बना है। वह सहज जन सेवा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, शपथ पत्र और खतौनी आदि की आवश्यकता होगी। जिन किसानों का केसीसी बना है, और वह बीमा नहीं कराना चाहते हैं। उनको अपने बैंक को यह लिखकर देना होगा कि उनको बीमा की आवश्यकता नहीं है।