{"_id":"68545f8c420f8d89280d0854","slug":"sample-of-animal-feed-was-sent-to-the-lab-ghazipur-news-c-313-1-gzp1001-134522-2025-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: पशु आहार का नमूना लेकर भेजा लैब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: पशु आहार का नमूना लेकर भेजा लैब
विज्ञापन
क्षेत्र के इनवा मोड़ पर स्थित एक पशु आहार के दुकानदार को 1.92 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। दुकानदार के मुताबिक वह एक कंपनी के मार्केटिंग कर्मचारी के कहने पर 200 बोरी पशु आहार खरीद ली, जिसे ले जाने वाले ग्राहक शिकायत कर रहे हैं। हालांकि दुकानदार की शिकायत पर बृहस्पतिवार को पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी गुरुदेव मौर्य ने पशु आहार का नमूना लिया। नमूना लेने के बाद पशु चिकित्साधिकारी की ओर से जांच के लिए इसको लखनऊ स्थित लैब भेज दिया है।
जयरामपुर के सत्यनारायण पाल का इनवा मोड़ पर पशु आहार की दुकान है। उनका आरोप है कि एक कंपनी के मार्केटिंग कर्मचारी की ओर से खुद की कंपनी के पशु आहार को प्रोटीनयुक्त बताया गया। कर्मचारी की बातों में आकर उन्होंने 1.92 लाख रुपये का 200 बोरी पशु आहार का ऑर्डर दे दिया। उन्होंने 20 मार्च को नेफ्ट के माध्यम से कंपनी के खाते में भुगतान कर दिया। कंपनी की ओर से 28 मार्च को पशु आहार की आपूर्ति की गई। बिक्री के कुछ दिनों बाद ही ग्राहकों की ओर से पशु आहार को लेकर शिकायत की आने लगी। ग्राहकों का कहना है कि पशु उसे नहीं खा रहे हैं। यह कहकर ग्राहक खरीदे गए पशु आहार को वापस करना शुरू कर दिए। इससे परेशान दुकानदार की ओर से कंपनी के एजेंट से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार गोलमोल जवाब मिला। वह एजेंट के घर बलिया भी पहुंचे। लेकिन, नतीजा सिफर निकला। उन्होंने इसकी शिकायत पशु पालन विभाग से की। शिकायत पर विभाग सक्रिय हुआ। उनके प्रतिष्ठान पर पहुंचकर लोगों की मौजूदगी में पशु चिकित्साधिकारी गुरुदेव मौर्य ने संबंधित कंपनी के पशु आहार का नमूना लिया। पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि नमूना लेकर लखनऊ लैब भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जयरामपुर के सत्यनारायण पाल का इनवा मोड़ पर पशु आहार की दुकान है। उनका आरोप है कि एक कंपनी के मार्केटिंग कर्मचारी की ओर से खुद की कंपनी के पशु आहार को प्रोटीनयुक्त बताया गया। कर्मचारी की बातों में आकर उन्होंने 1.92 लाख रुपये का 200 बोरी पशु आहार का ऑर्डर दे दिया। उन्होंने 20 मार्च को नेफ्ट के माध्यम से कंपनी के खाते में भुगतान कर दिया। कंपनी की ओर से 28 मार्च को पशु आहार की आपूर्ति की गई। बिक्री के कुछ दिनों बाद ही ग्राहकों की ओर से पशु आहार को लेकर शिकायत की आने लगी। ग्राहकों का कहना है कि पशु उसे नहीं खा रहे हैं। यह कहकर ग्राहक खरीदे गए पशु आहार को वापस करना शुरू कर दिए। इससे परेशान दुकानदार की ओर से कंपनी के एजेंट से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार गोलमोल जवाब मिला। वह एजेंट के घर बलिया भी पहुंचे। लेकिन, नतीजा सिफर निकला। उन्होंने इसकी शिकायत पशु पालन विभाग से की। शिकायत पर विभाग सक्रिय हुआ। उनके प्रतिष्ठान पर पहुंचकर लोगों की मौजूदगी में पशु चिकित्साधिकारी गुरुदेव मौर्य ने संबंधित कंपनी के पशु आहार का नमूना लिया। पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि नमूना लेकर लखनऊ लैब भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन