हथियाराम मठ में संघ प्रमुख ने किया दर्शन-पूजन: संगोष्ठी में बोले- 'असली शेर आपलोग, आप की ऊर्जा से हम दहाड़ते हैं'
आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत बुधवार दोपहर गाजीपुर के सिद्धपीठ हथियाराम मठ पहुंचे। विधिवत दर्शन-पूजन के बाद महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति महाराज से मिले। संगोष्ठी को संबोधित भी किया।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस ) के सरसंघचालक मोहन भागवत बुधवार को गाजीपुर जिले के जखनिया स्थित हथियाराम मठ में आगमन हुआ। बुढ़िया माता के दर्शन- पूजन के साथ रजत जयंती समारोह में मोहन भागवत ने संगोष्ठी को संबोधित किया। इस दौरान संघ प्रमुख ने कहा कि यह देश संत और सनातन धर्म की नगरी है।
यहां के लोगों में हमेशा आध्यात्मिक अनुभूति होती है। यहां हथियाराम में सिद्धिदात्री बुढ़िया माता का साक्षात दर्शन होता है। उन्होंने कहा कि संत सरल तरीकों से परमाणु ऊर्जा की तरह दूसरों को शक्ति की अनुभूति कराते हैं। संतों का विचार बहुत बड़ा होता है। जिससे सनातन धर्म का उत्थान होता है। सनातन धर्म का उत्थान होता है तो हिंदू राष्ट्र का उत्थान होता है।
उन्होंने भारत देश की विशालता पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत बहुत बड़ा है। इसके बड़ा होने की वजह यहां के लोग ही हैं। आगे कहा कि धर्म के केंद्र पर आने से बैटरी चार्ज हो जाता है। इसलिए ऐसे केंद्रों पर आते रहना चाहिए। विन्सटन चर्चिल का जिक्र कर संघ प्रमुख ने कहा कि जब वे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने थे तो वहां की जनता ने उन्हें शेर कहा था। जिस पर चर्चिल ने जनता को कहा था कि असली शेर तो आप हैं। आप की ऊर्जा से हम दहाड़ते हैं।
इसी क्रम में कहा कि देश के अंदर नियति अपना कार्य कर रही है। इसलिए लोगों को नियति का पालन करना चाहिए। रामसेतु के निर्माण में भी गिलहरी का बहुत बड़ा किरदार था। अगर गिलहरी अपने बेटे को यह बताई होती कि हमारे दादा-दादी ने भी रामसेतु में अहम भूमिका निभाई थी तो उसके बच्चे भी उसकी चर्चा करते।
महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति ने कहा कि हम लोगों को एक अवसर मिला जहां पर सरसंघचालक मोहन भागवत का बुढ़िया माई धाम आने का और हम लोगों के बीच में सुनने का विचार उत्पन्न हुआ। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत से उज्जैन में मेरी मुलाकात हुई थी। उसी समय मोहन भागवत ने बताया कि काशी आएंगे तो जरूर हथियाराम मठ पर आएंगे।