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Ghazipur News: वाराणसी मंडल में नहीं थम रहे सड़क हादसे, मौत का बढ़ा ग्राफ

Fri, 29 May 2026 11:52 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 29 May 2026 11:52 PM IST
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Road Accidents Continue Unabated in Varanasi Division Death Toll on the Rise
गाजीपुर। सड़क सुरक्षा को लेकर शासन की सख्ती, जागरूकता अभियान और लगातार चल रहे प्रवर्तन अभियान भी वाराणसी परिक्षेत्र में सड़क हादसों पर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। परिवहन विभाग के अप्रैल 2026 के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि परिक्षेत्र के तीन जिलों में हालात और बिगड़े हैं। सबसे ज्यादा चिंता जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली को लेकर है, जहां सड़क दुर्घटनाओं और मौत का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जौनपुर में अप्रैल 2025 में 46 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुई थीं, जो अप्रैल 2026 में बढ़कर 65 हो गईं। एक साल में इसमें 41 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई। हादसों में मरने वालों की संख्या भी 33 से बढ़कर 39 पहुंच गई।
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गाजीपुर में भी सड़क हादसों की रफ्तार थमती नजर नहीं आ रही है। अप्रैल 2025 में जिले में 36 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि अप्रैल 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 45 पहुंच गया। वहीं, चंदौली में दुर्घटनाओं की संख्या 20 से बढ़कर 22 हो गई। सबसे ज्यादा चिंता मौत के बढ़ते आंकड़ों को लेकर है। चंदौली में एक साल के भीतर मृतकों की संख्या 12 से बढ़कर 15 हो गई।
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वाराणसी में हादसे घटे, लेकिन मौत बढ़ीं

वाराणसी में दुर्घटनाओं की संख्या में मामूली कमी दर्ज की गई, लेकिन मौत का आंकड़ा यहां भी बढ़ गया। अप्रैल 2025 में वाराणसी में 53 सड़क हादसे हुए थे, जबकि अप्रैल 2026 में यह संख्या घटकर 48 रह गई। हालांकि, मृतकों की संख्या 23 से बढ़कर 27 हो गई।
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चार माह में भी हालात गंभीर

जनवरी से अप्रैल तक के आंकड़े भी हालात की गंभीरता बयान कर रहे हैं। वाराणसी में चार महीनों के दौरान सड़क हादसे 211 से बढ़कर 222 हो गए। जौनपुर में यह संख्या 191 से बढ़कर 237, गाजीपुर में 131 से बढ़कर 149 और चंदौली में 80 से बढ़कर 101 हो गई। चंदौली में मौत का आंकड़ा सबसे ज्यादा बढ़ा, जहां मृतकों की संख्या 56 से बढ़कर 70 पहुंच गई।
इन वजहों से हो रहे अधिक हादसे

मानवीय भूल : 65 प्रतिशत
सड़क संबंधी खामियां : 30 प्रतिशत

मैकेनिकल कारण : 5 प्रतिशत
तेज रफ्तार सबसे बड़ी वजह

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सड़क हादसों में करीब 80 प्रतिशत मौतें तेज रफ्तार के कारण हुईं। वहीं, 10 प्रतिशत हादसे अवैध कट की वजह से और 10 प्रतिशत अन्य कारणों से हुए।
शासन ने मांगा एक्शन प्लान : परिवहन आयुक्त मयंक ज्योति ने सभी जिलों को सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत तक कमी लाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शासन ने ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने, सड़क इंजीनियरिंग सुधारने, गोल्डन ऑवर में उपचार उपलब्ध कराने और राहत व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया है। साथ ही लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले जिलों की जवाबदेही तय करने के संकेत भी दिए हैं।

शासन के निर्देश पर लगातार अभियान चलाकर सड़क हादसों में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है। ड्रंक एंड ड्राइव अभियान के साथ गोल्डन ऑवर में घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है। - धनवीर यादव, एआरटीओ
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