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मशाल जुलूस निकाल कर्मियों ने मांगा हक
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Thu, 26 Feb 2015 11:09 PM IST
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कर्मचारियों ने दस सूत्री मांगों के समर्थन में गुरुवार को धरना-प्रदर्शन कर मशाल जुलूस निकाला। शहर के सकेनाबाद, मिश्रबाजार तथा महुआबाग होते हुए जुलूस कलेक्ट्रेट पहुंचा। कर्मचारियों ने वहां दस सूत्री मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया। इस दौरान कर्मचारी सरकार विरोधी नारे लगाते रहे।
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नलकूप मंडल परिसर में आयोजित सभा में परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका प्रसाद दुबे ने राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान भत्त प्रदान करने तथा निजीकरण आउट सोर्सिंग एवं ठेकेदारी व्यवस्था पूर्ण रूप से बंद कर ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख रुपये करने की मांग की। कहा कि कर्मचारियों की समस्याएं काफी समय से लंबित है।
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यदि जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। परिषद के मुख्य सलाहकार मुक्तेश्वर श्रीवास्तव ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों की अनदेखी की तो राज्य कर्मचारी एक बार फिर हड़ताल करने को विवश होंगे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारियों के उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। युवा कर्मचारी नेता विवेक सिंह शम्मी ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है।
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जुलूस में शामिल कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में गरजते रहे। इस मौके पर जिला मंत्री रामराज कुशवाहा, महासंघ के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, दीनानाथ कुशवाहा, एसपी गिरी, पंकज पाठक, ओमप्रकाश यादव, रामाधार राय, ओमकार राय, गोपाल खरवार, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, संजय दुबे, विजयशंकर राय, हरेंद्र विक्रम, राकेश सिंह आदि मौजूद थे। संचालन अंबिका प्रसाद दुबे ने किया