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कोरोना काल में बंद हुई हमारी ट्रेनें लौटाएं
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नंदगंज रेलवे स्टेशन पर सोमवार को स्टेशन मास्टर के माध्यम से रेलमंत्री व रेलवे के उच्च अधिकारियों को क्षेत्र के लोगों ने पत्रक दिया। इसके जरिए मांग की गई कि वाराणसी-गाजीपुर रेलखंड के बीच स्थित नंदगंज रेलवे स्टेशन पर एक भी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है। इस वजह से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि वाराणसी- बलिया रेल मार्ग पर दर्जनों एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन हो रहा है। कोरोना काल के पूर्व दो एक्सप्रेस ट्रेन यहां रुकती थी।
नंदगंज रेलवे स्टेशन के आस-पास करीब 50 गांवों के लोगों द्वारा एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग बहुत दिनों से की जा रही है। एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव न होने के कारण लोगों को 20 किमी दूर जिला मुख्यालय गाजीपुर रेलवे स्टेशन या 25 किमी दूर औड़िहार जंक्शन जाना पड़ता है।
नंदगंज रेलवे स्टेशन के आस-पास की आबादी काफी अधिक घनी है। इसके साथ ही साथ नंदगंज एक औद्योगिक क्षेत्र है। यहां लार्ड डिस्टीलरी का केन्द्र है जहां से लोग दिल्ली, मुंबई, कोलकाता व लखनऊ की यात्रा आए दिन करते हैं । लोगों का कहना है कि कोरोना महामारी से पहले इस रेलखंड पर चलने वाली सभी सवारी गाड़ी और दो एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नंदगंज रेलवे स्टेशन पर हुआ करता था। कोरोना काल में सभी गाड़ियों को बंद कर दिया गया, लेकिन ट्रेनों का परिचालन शुरू होने के बाद एक भी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं हुआ है।
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लोगों ने कहा कि यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सुहलदेव एक्सप्रेस, लखनऊ छपरा एक्सप्रेस, सारनाथ एवं सद्भावना एक्सप्रेस का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की। पत्रक देने वालों में अमन जायसवाल, ग्राम प्रतिनिधि प्रतीक सिंह, शिवप्रसाद सिंह, राजेश, पंकज समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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नंदगंज रेलवे स्टेशन के आस-पास करीब 50 गांवों के लोगों द्वारा एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग बहुत दिनों से की जा रही है। एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव न होने के कारण लोगों को 20 किमी दूर जिला मुख्यालय गाजीपुर रेलवे स्टेशन या 25 किमी दूर औड़िहार जंक्शन जाना पड़ता है।
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नंदगंज रेलवे स्टेशन के आस-पास की आबादी काफी अधिक घनी है। इसके साथ ही साथ नंदगंज एक औद्योगिक क्षेत्र है। यहां लार्ड डिस्टीलरी का केन्द्र है जहां से लोग दिल्ली, मुंबई, कोलकाता व लखनऊ की यात्रा आए दिन करते हैं । लोगों का कहना है कि कोरोना महामारी से पहले इस रेलखंड पर चलने वाली सभी सवारी गाड़ी और दो एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नंदगंज रेलवे स्टेशन पर हुआ करता था। कोरोना काल में सभी गाड़ियों को बंद कर दिया गया, लेकिन ट्रेनों का परिचालन शुरू होने के बाद एक भी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं हुआ है।
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लोगों ने कहा कि यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सुहलदेव एक्सप्रेस, लखनऊ छपरा एक्सप्रेस, सारनाथ एवं सद्भावना एक्सप्रेस का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की। पत्रक देने वालों में अमन जायसवाल, ग्राम प्रतिनिधि प्रतीक सिंह, शिवप्रसाद सिंह, राजेश, पंकज समेत अन्य लोग मौजूद रहे।