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ताड़ीघाट-मऊ रेल परियोजना में बाधा बने ट्रांसमिशन लाइन को हटाने की गुहार
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गाजीपुर। ताड़ीघाट-मऊ रेललाइन के पहले चरण के विस्तारीकरण में बाधा बन रहे एक लाख 32 हजार वोल्ट की ट्रांसमिशन लाइन को हटाने के लिए दो माह पहले टेंडर होने के बाद भी टॉवर शिफ्ट नहीं किया गया है। रेलवे ने कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल को काम कराने के लिए गुहार लगाई है।
रेलखंड के पहले चरण में सोनवल से सिटी एवं घाट स्टेशन तक करीब 14 किमी लंबी रेललाइन का विस्तारीकरण होना है। रेलवे के अधिकारियों की मानें तो इसी तरह अगर लेटलतीफी होती रही तो परियोजना का निर्माण पूरा होने में समय लग सकता है। वहीं यूपीपीसीएल के अनुसार यह काम इस माह के अंतिम सप्ताह तक शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए डिजाइन तैयार कर लखनऊ विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता के कार्यालय में भेज दी गई है। इस पर सहमति मिलते ही विभाग काम तेजी से शुरू कर सकता है। यह काम आगामी दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक समाप्त कर लिया जाना है, ताकि नई रेल परियोजना के समय पर पूरा होने में किसी तरह का अवरोध न हो।
ट्रांसमिशन तार और पोल को ऊंचा करने के दौरान विभाग पर क्षेत्र में सुचारु रूप से विद्युत आपूर्ति करने का भी दबाव रहेगा। इसके लिए उस दौरान विद्युत विभाग करहियां स्थित 220 केवीए विद्युत केंद्र से क्षेत्र को आपूर्ति कराने की तैयारी है। वर्तमान समय में साहूपुरी से आने वाली पावर ग्रिड की ट्रांसमिशन लाइन जमानियां से होते हुए जिला मुख्यालय की ओर विभिन्न जगहों से होकर जाती है। दरअसल, निर्माणाधीन रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन भी किया जाना है। इसलिए सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से यहां से गुजर रही ट्रांसमिशन लाइन को शिफ्ट करने के लिए बीते माह में इसको लेकर आरवीएनएल की ओर से 15 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था ताकि परियोजना पूरी होने के बाद निर्बाध तरीके से इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन किया जा सके।
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ट्रांसमिशन लाइन पावर ग्रिड गाजीपुर के अधिशासी अभियंता डी. तुलसी राम ने बताया कि सब कुछ ठीक रहा तो इस माह के अंतिम सप्ताह तक काम शुरू कर दिया जाएगा। जिसे अगले दो माह में पूरा कर लेने का लक्ष्य है। रहा सवाल उस दौरान विद्युत आपूर्ति का तो दूसरे विद्युत केंद्र से आपूर्ति कराने की तैयारी है।
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रेलखंड के पहले चरण में सोनवल से सिटी एवं घाट स्टेशन तक करीब 14 किमी लंबी रेललाइन का विस्तारीकरण होना है। रेलवे के अधिकारियों की मानें तो इसी तरह अगर लेटलतीफी होती रही तो परियोजना का निर्माण पूरा होने में समय लग सकता है। वहीं यूपीपीसीएल के अनुसार यह काम इस माह के अंतिम सप्ताह तक शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए डिजाइन तैयार कर लखनऊ विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता के कार्यालय में भेज दी गई है। इस पर सहमति मिलते ही विभाग काम तेजी से शुरू कर सकता है। यह काम आगामी दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक समाप्त कर लिया जाना है, ताकि नई रेल परियोजना के समय पर पूरा होने में किसी तरह का अवरोध न हो।
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ट्रांसमिशन तार और पोल को ऊंचा करने के दौरान विभाग पर क्षेत्र में सुचारु रूप से विद्युत आपूर्ति करने का भी दबाव रहेगा। इसके लिए उस दौरान विद्युत विभाग करहियां स्थित 220 केवीए विद्युत केंद्र से क्षेत्र को आपूर्ति कराने की तैयारी है। वर्तमान समय में साहूपुरी से आने वाली पावर ग्रिड की ट्रांसमिशन लाइन जमानियां से होते हुए जिला मुख्यालय की ओर विभिन्न जगहों से होकर जाती है। दरअसल, निर्माणाधीन रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन भी किया जाना है। इसलिए सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से यहां से गुजर रही ट्रांसमिशन लाइन को शिफ्ट करने के लिए बीते माह में इसको लेकर आरवीएनएल की ओर से 15 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था ताकि परियोजना पूरी होने के बाद निर्बाध तरीके से इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन किया जा सके।
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ट्रांसमिशन लाइन पावर ग्रिड गाजीपुर के अधिशासी अभियंता डी. तुलसी राम ने बताया कि सब कुछ ठीक रहा तो इस माह के अंतिम सप्ताह तक काम शुरू कर दिया जाएगा। जिसे अगले दो माह में पूरा कर लेने का लक्ष्य है। रहा सवाल उस दौरान विद्युत आपूर्ति का तो दूसरे विद्युत केंद्र से आपूर्ति कराने की तैयारी है।