{"_id":"5ebbe1448ebc3e908b2609ae","slug":"reprts-of-57-people-came-negative-in-ghazipur-ghazipur-news-vns5246471117","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना: 57 की रिपोर्ट निगेटिव, 105 लोगों की हुई सैंपलिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना: 57 की रिपोर्ट निगेटिव, 105 लोगों की हुई सैंपलिंग
विज्ञापन
गाजीपुर। कोरोना संक्रमण से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम रात-दिन एक कर प्रवासी मजदूरों तथा संदिग्धों की जांच और स्क्रींनिग करने में जुटी है। बुधवार को 57 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य महकमे ने राहत की सांस ली। जबकि 105 संदिग्ध व्यक्तियों की सैंपलिंग की गई। देखा जाए तो पूरे जनपद में अब तक 3500 लोगों का थर्मल स्क्रीनिंग किया जा चुका है। इतना ही नहीं बुधवार को 70 लोगों को अलग- अलग जगहों पर क्वारंटीन भी किया गया। जबकि बाकी को घर भेज दिया गया है। उधर मरदह के नसीरूद्दीनपुर तथा नंदगंज के खिजीरपुर में मिले कोरोना पाजिटिव मरीजों को वाराणसी भेजने के बाद पूरे गांव को सैनिटाइज करने का कार्य तीसरे दिन भी जारी रहा। इन गांवों को हॉट स्पाट सेंटर बनाने के बाद आवगमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जिले में कोरोना संक्रमण पर एक नजर डालें तो अप्रैल के प्रथम सप्ताह में मिले पांच कोरोना पाजिटिव को लेकर जनपद में हाय-तौबा मची रही। इसके बाद एक-एक कर छह हाट स्पाट सेंटर बनाए गए और लाकडाउन का पूरी कड़ाई से पालन कराया गया। तब जाकर स्थिति नियंत्रण में आई और लगाकर 19 दिनों तक कोई कोरोना का मरीज नहीं मिला। पुन: 09 मई 2020 को मुंबई से आया एक युवक नंदगंज के खिजीरपुर गांव में कोरोना पाजिटिव मिला। एक बार फिर जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। अभी खिजीरपुर गांव को हाट स्पाट सेंटर बनाने के साथ गांव को पूरी तरह सैनिटाइज किया जा रहा था, तभी 11 मई को मरदह थाना क्षेत्र के नसीरूद्दीनपुर गांव में एक और व्यक्ति कोरोना पाजिटिव पाया गया। अब इन दोनों गांवों को सील कर दिया गया है। गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। गांव से बाहर जाने और आने वालों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन गांवों में बुधवार को 105 संदिग्ध व्यक्तियों की सैंपलिंग की गई। अब तक देखा जाए तो कुल 1089 कोरोना संदिग्धों की सैंपलिंग की गई है। जिसमें से 752 लोगों की अब तक रिपोर्ट आ चुकी है। जबकि आठ लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव मिली है और 329 रिपोर्ट अभी लंबित है। इन दिनों जनपद में लाकडाउन का पालन कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही बिना मास्क के घर से बाहर न निकलने को कहा गया है। उधर हॉट स्पाट क्षेत्रों में निंरतर सर्तकता बरती जा रही है। दो गांवों के साथ नगरीय क्षेत्रों को सील कर दिया गया है और एक-एक घरों को सैनिटाइज करने का कार्य अब भी चल रहा है।
विज्ञापन
जिले में कोरोना संक्रमण पर एक नजर डालें तो अप्रैल के प्रथम सप्ताह में मिले पांच कोरोना पाजिटिव को लेकर जनपद में हाय-तौबा मची रही। इसके बाद एक-एक कर छह हाट स्पाट सेंटर बनाए गए और लाकडाउन का पूरी कड़ाई से पालन कराया गया। तब जाकर स्थिति नियंत्रण में आई और लगाकर 19 दिनों तक कोई कोरोना का मरीज नहीं मिला। पुन: 09 मई 2020 को मुंबई से आया एक युवक नंदगंज के खिजीरपुर गांव में कोरोना पाजिटिव मिला। एक बार फिर जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। अभी खिजीरपुर गांव को हाट स्पाट सेंटर बनाने के साथ गांव को पूरी तरह सैनिटाइज किया जा रहा था, तभी 11 मई को मरदह थाना क्षेत्र के नसीरूद्दीनपुर गांव में एक और व्यक्ति कोरोना पाजिटिव पाया गया। अब इन दोनों गांवों को सील कर दिया गया है। गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। गांव से बाहर जाने और आने वालों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन गांवों में बुधवार को 105 संदिग्ध व्यक्तियों की सैंपलिंग की गई। अब तक देखा जाए तो कुल 1089 कोरोना संदिग्धों की सैंपलिंग की गई है। जिसमें से 752 लोगों की अब तक रिपोर्ट आ चुकी है। जबकि आठ लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव मिली है और 329 रिपोर्ट अभी लंबित है। इन दिनों जनपद में लाकडाउन का पालन कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही बिना मास्क के घर से बाहर न निकलने को कहा गया है। उधर हॉट स्पाट क्षेत्रों में निंरतर सर्तकता बरती जा रही है। दो गांवों के साथ नगरीय क्षेत्रों को सील कर दिया गया है और एक-एक घरों को सैनिटाइज करने का कार्य अब भी चल रहा है।
विज्ञापन