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Ghazipur News: मुंबई से परिवार के साथ घर आए थे रविंद्र, 13 जून को वापसी की थी टिकट
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बेटे सोनू राजभर की मौत के बाद बिरनो राजभर बस्ती स्थित आवास पर रोती-बिलखती मां चंपा देवी को संभा
- फोटो : टूंडला के रामपुर में आंधी में टूटकर मृतक के घर के टिका विद्युत खंबे को घटना के बाद देखते लोग संवाद
बिरनो / भड़सर। बिरनो राजभर बस्ती निवासी रविंद्र राजभर 25 दिन पूर्व मुंबई से परिवार के साथ घर आए थे। मुंबई में माला बनाकर जीविकापार्जन करते थे, उनकी 13 जून को वापसी की टिकट थी। तीन भाईयों सोनू राजभर सबसे बड़े थे और गांव पर ही टाइल्स मिस्त्री का काम करते थे। वहीं, सुरेश राजभर मजदूरी करके परिवार का जीविकापार्जन करते थे। सड़क हादसे में तीनों की मौत से दो गांवों के तीन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट गया।
राजभर बस्ती निवासी विक्रम राजभर ने बताया पुत्र रविंद्र राजभर परिवार के साथ मुंबई रहते थे। करीब 25 दिन पूर्व ही पत्नी उर्मिला राजभर, बेटे सूरज राजभर, गोपाल और बेटी नंदनी के साथ आए थे। वह 13 जून को परिवार के साथ मुंबई लौटने वाले थे। इतना कहते ही विक्रम राजभर फफक पड़े। उन्होंने बताया कि रविंद्र तीन भाईयों में सबसे बड़े थे। बताया कि भतीजा सोनू राजभर घर पर ही टाइल्स मिस्त्री का काम करता था। तीन भाईयों में सबसे बड़ा था। हादसे में मौत की जानकारी मिलते ही पत्नी पुष्पा देवी, बेटा राजा, बेटी खुशी और चांदनी के बिलखने से कलेजा फट जा रहा है। सड़क हादसे में घर के दो चिराग बूझ गए। मरदह थाना क्षेत्र के कस्तुआ (बसवारी गांव) निवासी सुरेश राजभर चार भाईयों में तीसरे स्थान पर थे। वह बेटे और पत्नी के साथ ससुराल गए थे। इधर, घटना में सुरेश राजभर के मौत की जानकारी मिलते ही परिजन बिलख पड़े। रोने- बिलखने की आवाज सुनकर मृतक के दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे थे।
पति व बेटे के बारे में बार- बार पूछ रही थी ममता
भड़सर। पति सुरेश राजभर और बेटे सुमंत के साथ अभी बद्धूपूर मंदिर में दर्शन- पूजन करके बाइक से घर निकली थी ममता, लेकिन उसे क्या पता था कि कुछ दूरी पर सड़क हादसे में पति का साथ हमेशा- हमेशा के लिए छूट जाएगा। सीएचसी बिरनो में होश में आने के बाद ममता गंभीर चोट के बावजूद रह- रहकर पति सुरेश राजभर और बेटे सुमंत के बारे में पूछ रही थी। जब बेटे सुमंत के घायल होने की जानकारी तो वह पति के बारे में पूछते- पूछते अचेत हो जा रही थी।
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राजभर बस्ती निवासी विक्रम राजभर ने बताया पुत्र रविंद्र राजभर परिवार के साथ मुंबई रहते थे। करीब 25 दिन पूर्व ही पत्नी उर्मिला राजभर, बेटे सूरज राजभर, गोपाल और बेटी नंदनी के साथ आए थे। वह 13 जून को परिवार के साथ मुंबई लौटने वाले थे। इतना कहते ही विक्रम राजभर फफक पड़े। उन्होंने बताया कि रविंद्र तीन भाईयों में सबसे बड़े थे। बताया कि भतीजा सोनू राजभर घर पर ही टाइल्स मिस्त्री का काम करता था। तीन भाईयों में सबसे बड़ा था। हादसे में मौत की जानकारी मिलते ही पत्नी पुष्पा देवी, बेटा राजा, बेटी खुशी और चांदनी के बिलखने से कलेजा फट जा रहा है। सड़क हादसे में घर के दो चिराग बूझ गए। मरदह थाना क्षेत्र के कस्तुआ (बसवारी गांव) निवासी सुरेश राजभर चार भाईयों में तीसरे स्थान पर थे। वह बेटे और पत्नी के साथ ससुराल गए थे। इधर, घटना में सुरेश राजभर के मौत की जानकारी मिलते ही परिजन बिलख पड़े। रोने- बिलखने की आवाज सुनकर मृतक के दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे थे।
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पति व बेटे के बारे में बार- बार पूछ रही थी ममता
भड़सर। पति सुरेश राजभर और बेटे सुमंत के साथ अभी बद्धूपूर मंदिर में दर्शन- पूजन करके बाइक से घर निकली थी ममता, लेकिन उसे क्या पता था कि कुछ दूरी पर सड़क हादसे में पति का साथ हमेशा- हमेशा के लिए छूट जाएगा। सीएचसी बिरनो में होश में आने के बाद ममता गंभीर चोट के बावजूद रह- रहकर पति सुरेश राजभर और बेटे सुमंत के बारे में पूछ रही थी। जब बेटे सुमंत के घायल होने की जानकारी तो वह पति के बारे में पूछते- पूछते अचेत हो जा रही थी।

बेटे सोनू राजभर की मौत के बाद बिरनो राजभर बस्ती स्थित आवास पर रोती-बिलखती मां चंपा देवी को संभा- फोटो : टूंडला के रामपुर में आंधी में टूटकर मृतक के घर के टिका विद्युत खंबे को घटना के बाद देखते लोग संवाद
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