{"_id":"594ff0ef4f1c1b25438b473b","slug":"ration-card-holders-made-mortgages-to-employees","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मियों को राशन कार्ड धारकों ने बनाया बंधक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मियों को राशन कार्ड धारकों ने बनाया बंधक
अमर उजाला ब्यूरो/ गाजीपुर
Updated Sun, 25 Jun 2017 10:50 PM IST
विज्ञापन
दलित बस्ती के लोगों की तरफ से बंधक बनाया गया राजस्व कर्मी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना क्षेत्र के बिहारा गांव में एसडीएम के निर्देश पर रविवार को नोटिस लेकर पहुंचे दो कर्मचारियों को राशन कार्ड धारकों ने बंधक बना लिया। साथ ही सरकारी सस्ते राशन की दूसरी दूकान खुलवाने की मांग करने लगे। सरकारी कर्मचारियों को बंधक बनाए जाने की जानकारी जब सदर एसडीएम को हुई, तो उन्होंने तत्काल पुलिस को मौके पर पहुंचने निर्देश दिया। जानकारी होते ही मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने कार्ड धारकों को समझा-बुझाकर बंधक बने दोनों कर्मचारियों को छुड़वाया।
बंधक बनाने वाले कार्डधारकों का आरोप था कि गांव में स्थित कोटे के दूकानदार से राशन वितरण को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद के चलते कोटे की दूकान से दो माह का 50 कार्ड धारकों ने राशन नहीं उठाया। बंधक बने कर्मचारियों ने बताया कि दो माह का राशन नहीं उठाने पर सभी 50 कार्ड धारकों को पूर्ति विभाग की ओर से नोटिस डाक द्वारा भेजी गई थी।
डाक द्वारा आई नोटिस को दो कार्ड धारकों द्वारा प्राप्त कर लिया गया। इसके बाद भी जब राशन नहीं उठा तो एसडीएम के निर्देश पुन: सरकारी कर्मचारी सप्लाई विभाग की नोटिस लेकर गांव पहुंचे। कर्मचारियों ने बताया कि नोटिस में तीन दिन के अंदर राशन उठाने का निर्देश दिया गया था। साथ यह भी चेतावनी दी गई कि अगर निर्धारित समय के अंदर राशन का उठान नहीं किया गया तो कार्ड निरस्त कर दूसरे पात्रों का चयन कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
नोटिस में लिखे निर्देशों और चेतावनी की जानकारी होते ही कार्ड धारक नाराज हो गए। नोटिस देने आए दोनों कर्मचारियों को बंधक बना लिया। बंधक बनाने की जानकारी होते ही सदर एसडीएम ने थाना पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंचकर बंधक बने दोनों कर्मचारियों को छुड़वाने का निर्देश दिया।
मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने कार्ड धारकों को समझा-बुझाकर शांत कराया और बंधक बने दोनों कर्मचारियों को छुड़वाया। इस संबंध में थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने बताया अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया।
विज्ञापन
बंधक बनाने वाले कार्डधारकों का आरोप था कि गांव में स्थित कोटे के दूकानदार से राशन वितरण को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद के चलते कोटे की दूकान से दो माह का 50 कार्ड धारकों ने राशन नहीं उठाया। बंधक बने कर्मचारियों ने बताया कि दो माह का राशन नहीं उठाने पर सभी 50 कार्ड धारकों को पूर्ति विभाग की ओर से नोटिस डाक द्वारा भेजी गई थी।
विज्ञापन
डाक द्वारा आई नोटिस को दो कार्ड धारकों द्वारा प्राप्त कर लिया गया। इसके बाद भी जब राशन नहीं उठा तो एसडीएम के निर्देश पुन: सरकारी कर्मचारी सप्लाई विभाग की नोटिस लेकर गांव पहुंचे। कर्मचारियों ने बताया कि नोटिस में तीन दिन के अंदर राशन उठाने का निर्देश दिया गया था। साथ यह भी चेतावनी दी गई कि अगर निर्धारित समय के अंदर राशन का उठान नहीं किया गया तो कार्ड निरस्त कर दूसरे पात्रों का चयन कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
नोटिस में लिखे निर्देशों और चेतावनी की जानकारी होते ही कार्ड धारक नाराज हो गए। नोटिस देने आए दोनों कर्मचारियों को बंधक बना लिया। बंधक बनाने की जानकारी होते ही सदर एसडीएम ने थाना पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंचकर बंधक बने दोनों कर्मचारियों को छुड़वाने का निर्देश दिया।
मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने कार्ड धारकों को समझा-बुझाकर शांत कराया और बंधक बने दोनों कर्मचारियों को छुड़वाया। इस संबंध में थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने बताया अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया।