कासिमाबाद। उपजिलाधिकारी लोकेश कुमार की उपस्थिति में मंगलवार की रात में सीओ शुभम वर्मा द्वारा रामलीला समिति के पदाधिकारियों से अभद्र व्यवहार का मामला तूल पकड़ लिया है। बुधवार को रामलीला मंच पर समिति के पदाधिकारी और सदस्य क्षेत्राधिकारी और उपजिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए और रामलीला का मंचन करने से मना कर दिया। तीन घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद मामले में कोतवाल नंदकुमार तिवारी के खेद व्यक्त करने के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ। साथ ही रामलीला का मंचन समयानुसार जारी करने पर सहमति बनी।ब्लाॅक प्रमुख मनोज गुप्ता का आरोप था कि मंगलवार की रात रामलीला समिति द्वारा नारद मोह संवाद का मंचन किया जा रहा था। भगवान की आरती के दौरान उप जिलाधिकारी लोकेश कुमार सीओ शुभम वर्मा कोतवाल नंदकुमार तिवारी के साथ रामलीला मैदान पहुंचकर समिति के पदाधिकारियों को धमकाने लगे। आरोप है कि क्षेत्राधिकारी ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि रामलीला मंच पर नर्तकी क्या कर रही है। यहां पर अश्लील गीत और नृत्य नहीं होगा। समिति के लोगों के विरोध करने पर दोनों पक्षों में तकरार बढ़ गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने मामला शांत कराया। इसके बाद समिति ने रात में ही निर्णय लिया कि क्षेत्राधिकारी और उपजिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होने तक रामलीला का मंचन नहीं किया जाएगा। धरना देने वालों में ब्लाॅक प्रमुख मनोज गुप्ता, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के मंडल प्रभारी भुपेंद्र सिंह, प्रभुनाथ कुशवाहा, रामलीला समिति के प्रबंधक दीनबंधू गुप्ता, दयाशंकर यादव,डाॅ. मुरलीधर मौर्य, जयप्रकाश राजभर, दीपक लाल श्रीवास्तव, सुनील गुप्ता मनोज श्रीवास्तव चंदन गुप्ता आदि मौजूद रहे। उधर, कोतवाल नंद कुमार तिवारी ने कहा कि मामले को लेकर खेद व्यक्त कर दिया गया है। वहीं, सीओ शुभम वर्मा ने बताया कि रामलीला के मंच पर अश्लील नृत्य और अश्लील गाने बजे रहे थे। इस पर समिति को लोगों से कहा गया कि रामलीला के मंच पर ऐसा नहीं होना चाहिए।
रामलीला के आयोजन के दौरान हो रहे नृत्य को लेकर शिकायत मिलने पर सीओ की ओर से हस्तक्षेप कर नृत्य रोकवाया गया था। इसको लेकर रामलीला समिति और प्रशासन के मध्य गलतफहमी हो गई थी। इसे बातचीत के माध्यम से दूर कर लिया गया है। इसके बाद से रामलीला फिर से शुरू कर दिया गया है। --अतुल कुमार सोनकर, एएसपी ग्रामीण, गाजीपुर।