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सरकारी उपक्रमों के निजीकरण से छिनेगी करोड़ों की रोजी-रोटी
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गाजीपुर। रेलवे सहित देश के 348 सरकारी उपक्रमों के निजीकरण का विरोध बढ़ता जा रहा है। पूर्व ब्लाक प्रमुख तथा समाजसेवी चन्दा यादव के नेतृत्व में शिक्षक संघ, पंचायत प्रतिनिधि, महिला संघ, रसोइया संघ, तथा किसान सभा तथा जनसंगठनों के लोगो ने मंगलवार को प्रधान मंत्री, रेलमंत्री तथा मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन सिटी रेलवे स्टेशन गाजीपुर के स्टेशन मास्टर को सौंपा।
इस अवसर पर श्रीमती चंदा यादव ने कहा कि जिस तरह से सरकार रेलवे, बैंक, बीमा सहित। कुल 348 सरकारी उपक्रमों को पूजी पतियो को बेच रही है, वह लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक संकेत है। रेलवे आम आदमी के जीवन का अनिवार्य हिस्सा है। इससे करोड़ों लोगो की रोजी रोटी चल रही है। जब सरकारी उपक्रम बचेगे ही नहीं तो आप को प्रतिनिधत्व कहा से मिलेगा।रसोइया संघ की जिलाध्यक्ष सुगंती कुशवाहा ने कहा कि रेलवे को बेचना गरीबों के हित में नहीं होगा। किसान सभा के नेता रामावतार राम ने कहा कि केंद्र सरकार रेल सहित सैकड़ों सरकारी उपक्रमों का निजीकरण किया जाना आरक्षण पर अब तक का सबसे बड़ा हमला है। अगर निजीकरण हो जाएगा तो करोड़ों लोग भुखमरी के शिकार होगे। शिक्षक नेता मुन्ना ने कहा कि आज सरकार नौकरी नहीं दे रही है बल्कि इसके विपरित पचास वर्ष की उम्र पूरी करने वाले कर्मचारियों की छ टनी करने लगी है। युवा बरोगारी के चलते आत्म हत्या करने को मजबुर है। इस मौके पर रालोद के प्रदेश सचिव महेंद्र यादव, रविन्द्र सिंह, रमाशंकर सिंह, महिला संघ की महासचिव उषा यादव, रामावतार प्रधान, शिवबली राजभर, महेंद्र यादव, उषा, परवीन बानो, निर्मला, देवनती, आरती, फूलमती, रजिया बेगम, नीतीश यादव, विजय, नुरेन अंसारी, शोभनाथ पाल आदि शामिल रहे।
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इस अवसर पर श्रीमती चंदा यादव ने कहा कि जिस तरह से सरकार रेलवे, बैंक, बीमा सहित। कुल 348 सरकारी उपक्रमों को पूजी पतियो को बेच रही है, वह लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक संकेत है। रेलवे आम आदमी के जीवन का अनिवार्य हिस्सा है। इससे करोड़ों लोगो की रोजी रोटी चल रही है। जब सरकारी उपक्रम बचेगे ही नहीं तो आप को प्रतिनिधत्व कहा से मिलेगा।रसोइया संघ की जिलाध्यक्ष सुगंती कुशवाहा ने कहा कि रेलवे को बेचना गरीबों के हित में नहीं होगा। किसान सभा के नेता रामावतार राम ने कहा कि केंद्र सरकार रेल सहित सैकड़ों सरकारी उपक्रमों का निजीकरण किया जाना आरक्षण पर अब तक का सबसे बड़ा हमला है। अगर निजीकरण हो जाएगा तो करोड़ों लोग भुखमरी के शिकार होगे। शिक्षक नेता मुन्ना ने कहा कि आज सरकार नौकरी नहीं दे रही है बल्कि इसके विपरित पचास वर्ष की उम्र पूरी करने वाले कर्मचारियों की छ टनी करने लगी है। युवा बरोगारी के चलते आत्म हत्या करने को मजबुर है। इस मौके पर रालोद के प्रदेश सचिव महेंद्र यादव, रविन्द्र सिंह, रमाशंकर सिंह, महिला संघ की महासचिव उषा यादव, रामावतार प्रधान, शिवबली राजभर, महेंद्र यादव, उषा, परवीन बानो, निर्मला, देवनती, आरती, फूलमती, रजिया बेगम, नीतीश यादव, विजय, नुरेन अंसारी, शोभनाथ पाल आदि शामिल रहे।
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