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दाम बढ़ाया, मोबाइल से खरीद भी आजमाया पर भंडार में गेहूं नहीं आया

Wed, 08 Jun 2022 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2022 11:30 PM IST
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Price increased, tried to buy from mobile but wheat did not come in stock
गेहूं खरीद की अवधि समाप्त होने में अब गिनती के दिन शेष रह गए हैं। इसके बावजूद खरीद की गति जोर नहीं पकड़ पाई। इसकी रफ्तार बढ़ाने के लिए मोबाइल पर्चेज की कवायद की गई, लेकिन वह भी काम नहीं आई। हालत यह है कि सवा दो महीने बीत जाने के बाद भी करीब 14 फीसदी यानी 11394 मीट्रिक टन से कुछ अधिक की खरीद की जा सकी है। इसके पीछे समर्थन मूल्य के बराबर बाजार भाव को कारण बताया जा रहा है। ऐसे में खरीद लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल दिख रहा है।
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जिले को इस वर्ष 83 हजार एमटी गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के कुल 73 क्रय केंद्र खोले गए। इनमें खाद्य विभाग के 17, पीसीएफ के 19, यूपीपीसीयू के 23, यूपीएसएस 11, भारतीय खाद्य निगम का एक तथा मंडी समिति से संबद्ध एफपीओ-एफपीसी के दो केंद्र हैं। किसानों को गेहूं का समुचित मूल्य दिलाने के लिए शासन ने इस बार समर्थन मूल्य में चालीस रुपये का इजाफा किया लेकिन इसके बाद भी खरीद जोर नहीं पकड़ पाई। समर्थन मूल्य के बराबर बाजार भाव होने के कारण किसान केंद्रों पर नहीं पहुंचे। मोबाइल पर्चेज के माध्यम से खरीद की रफ्तार बढ़ाने की कवायद भी काम नहीं आई।
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इसी का नतीजा है कि खरीद की अवधि समाप्त होने में कुछ दिन शेष हैं लेकिन सात जून तक लक्ष्य का 13.73 फीसदी यानी 11394.261 एमटी की ही खरीद हो सकी है। खाद्य विभाग ने 6418.532 एमटी, पीसीएफ 2287.338, यूपीपीसीयू 1766.181, मंडी समिति से संबद्ध एफपीओ-एफपीसी 45.325, यूपीएसएस 621.985 तथा भारतीय खाद्य निगम ने 254.900 एमटी की खरीद की है। सचल क्रय केंद्र के जरिए कासिमाबाद तहसील के छह किसानों से 193 कुंतल तथा जमानिया के पांच किसानों से 324 कुंतल की खरीद की गई।
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जिले में 2742 किसानों से हुई खरीद
गाजीपुर। जिले में 2742 किसानों से 11394.261 एमटी की खरीद की गई है। इसमें 2450 किसानों को 2082.35 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है। 213.59 लाख रुपये का भुगतान अभी अवशेष है। शेष के भुगतान की कार्रवाई जारी है। बीते वर्ष जिले का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया था। उस दौरान 58 क्रय केंद्रों के माध्यम से 78355.536 एमटी गेहूं की खरीद की गई थी।
व्यापारियों को बेच रहे गेंहू
सुहवल। गेहूं खरीद के निर्धारित 15 हजार कुंतल लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 4200 कुंतल ही खरीद की जा सकी है। समर्थन मूल्य के बराबर बाजार मूल्य होने के कारण किसान व्यापारियों को गेहूं की बिक्री कर दे रहे हैं। यह खरीद 105 किसानों से की गई है इसमें 85 किसानों का भुगतान हो चुका है। इस बाबत एसएमआई देवीशरण गौतम ने बताया कि विभाग अभी भी लक्ष्य की पूर्ति को लेकर प्रयासरत है।
बाजार भाव अच्छा होने के कारण किसान क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। इस वजह से केंद्रों पर गेहूं की आवक कम है। क्रय केंद्रों पर खरीद बढ़ाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।

- रतन कुमार शुक्ला, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
शर्त के कारण आगे नहीं आ सके किसान
मौधा। सरकार की गांव-गांव जाकर गेहूं खरीदने की योजना क्षेत्र में परवान नहीं चढ़ पाई है। अभी तक एक भी गांव में जाकर गेहूं की खरीद नहीं की जा सकी है। इसके पीछे की वजह एक साथ 100 कुंतल गेहूं एकत्र करने की बाध्यता बताई जा रही है। करीब 15 दिन पहले शासन की तरफ से आदेश आया था कि खाद्य विपणन विभाग गांव-गांव जाकर गेहूं की खरीद करेगा लेकिन उसके साथ यह शर्त भी लगा दी गई थी कि अगर किसान 100 कुंतल गेहूं अपने गांव में एक ही स्थान पर एकत्र कर बेचने के लिए तैयार हों तभी कर्मचारी गेहूं खरीदने के लिए जाएंगे। अभी तक इस योजना के तहत क्षेत्र के किसी भी गांव में खरीदारी नहीं हुई है। क्षेत्र के किसान शमशेर सिंह, करुणाशंकर मिश्र, जयप्रकाश पांडेय, उमाशंकर यादव, हरिशंकर यादव, विश्वनाथ यादव, लल्ला सिंह और रवि कुमार यति आदि का कहना है कि सौ कुंतल की बाध्यता के चलते वह गेहूं की बिक्री विभाग को नहीं कर पा रहे हैं।
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