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Ghazipur News: ग्राम पंचायतों के कार्यकाल विस्तार पर प्रधानों ने जताई संतुष्टि
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गाजीपुर। प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद निर्वर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने के फैसले का प्रधान प्रतिनिधियों ने स्वागत किया है। प्रधानों का कहना है कि इससे ग्रामीण विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी और योजनाओं का संचालन प्रभावित नहीं होगा।
उत्तर प्रदेश शासन के पंचायती राज विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2021 में गठित ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो जाएगा। नई पंचायतों के गठन तक वर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे।
अखिल भारतीय प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव ने कहा कि सरकार का यह निर्णय विकास के दृष्टिकोण से सराहनीय है। इससे गांवों में चल रहे विकास कार्य बाधित नहीं होंगे और जनता के हित में योजनाओं का लाभ लगातार मिलता रहेगा।
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कासिमाबाद ब्लॉक अध्यक्ष रंजीत सिंह उर्फ धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि यह फैसला आम जनता और ग्रामीण विकास के लिए उचित है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में प्रशासनिक व्यवस्था बनी रहने से जरूरी कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।
प्रधान संघ के संरक्षक हरेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि यह व्यवस्था पंचायत प्रबंधन और ग्रामीण शासन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं ग्राम प्रधान दिनेश यादव ने कहा कि प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए यह निर्णय बेहद अहम है। इससे ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन में मदद मिलेगी और गांवों में चल रहे कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
1238 ग्राम पंचायतों के निवर्तमान प्रधानों के लिए राहत भरी खबर
गाजीपुर। जिले की 1238 ग्राम पंचायतों के निवर्तमान ग्राम प्रधानों के लिए राहत भरी खबर है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी वे ग्राम पंचायतों में प्रशासक के रूप में कार्य करते रहेंगे। पंचायती राज विभाग ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। पत्र में प्रमुख सचिव ने 27 मई से ग्राम प्रधानों को प्रशासक नामित करने की जिम्मेदारी संबंधित जिलाधिकारियों को सौंपी है। इसके तहत जिले के सभी निवर्तमान ग्राम प्रधान पंचायतों के सामान्य कार्यों का संचालन करते रहेंगे। सीडीओ आलोक प्रसाद ने बताया कि शासन का पत्र मिला है। इसमें ग्राम पंचायतों में चुनाव होने तक प्रधानों को ही प्रशासक के तौर पर कार्य करने की व्यवस्था दी गई है। जिले की 1238 ग्राम प्रचायतों में अब प्रधान ही प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे।
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उत्तर प्रदेश शासन के पंचायती राज विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2021 में गठित ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो जाएगा। नई पंचायतों के गठन तक वर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे।
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अखिल भारतीय प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव ने कहा कि सरकार का यह निर्णय विकास के दृष्टिकोण से सराहनीय है। इससे गांवों में चल रहे विकास कार्य बाधित नहीं होंगे और जनता के हित में योजनाओं का लाभ लगातार मिलता रहेगा।
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कासिमाबाद ब्लॉक अध्यक्ष रंजीत सिंह उर्फ धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि यह फैसला आम जनता और ग्रामीण विकास के लिए उचित है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में प्रशासनिक व्यवस्था बनी रहने से जरूरी कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।
प्रधान संघ के संरक्षक हरेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि यह व्यवस्था पंचायत प्रबंधन और ग्रामीण शासन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं ग्राम प्रधान दिनेश यादव ने कहा कि प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए यह निर्णय बेहद अहम है। इससे ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन में मदद मिलेगी और गांवों में चल रहे कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
1238 ग्राम पंचायतों के निवर्तमान प्रधानों के लिए राहत भरी खबर
गाजीपुर। जिले की 1238 ग्राम पंचायतों के निवर्तमान ग्राम प्रधानों के लिए राहत भरी खबर है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी वे ग्राम पंचायतों में प्रशासक के रूप में कार्य करते रहेंगे। पंचायती राज विभाग ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। पत्र में प्रमुख सचिव ने 27 मई से ग्राम प्रधानों को प्रशासक नामित करने की जिम्मेदारी संबंधित जिलाधिकारियों को सौंपी है। इसके तहत जिले के सभी निवर्तमान ग्राम प्रधान पंचायतों के सामान्य कार्यों का संचालन करते रहेंगे। सीडीओ आलोक प्रसाद ने बताया कि शासन का पत्र मिला है। इसमें ग्राम पंचायतों में चुनाव होने तक प्रधानों को ही प्रशासक के तौर पर कार्य करने की व्यवस्था दी गई है। जिले की 1238 ग्राम प्रचायतों में अब प्रधान ही प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे।