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Ghazipur News: पुलिस ने जांच में तथ्यों को बताया झूठा, मुकदमा खारिज; कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी

Sat, 30 Nov 2024 06:54 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 30 Nov 2024 06:54 PM IST
सार

गाजीपुर जिले में 18 पुलिस कर्मियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को पुलिस ने खारिज कर दिया है। वहीं मुकदमा दर्ज कराने वाले इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। 

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Police dismissed case registered against 18 police personnel in Ghazipur
एसपी डॉ. ईरज राजा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंदौली के पूर्व एसपी अमित कुमार द्वितीय समेत 18 पुलिस कर्मियों पर दर्ज मुकदमे को पुलिस ने खारिज (स्पंज) कर दिया। अब झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है। इसके लिए पूरे मामले की जुर्म खारिजा रिपोर्ट धारा 182 के तहत भेजी है।

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यह है मामला
नंदगंज थाने की पुलिस ने 27 नवंबर की रात में 12.22 बजे मुकदमा दर्ज किया था। ये मुकदमा चंदौली में तैनात कांस्टेबल अनिल कुमार सिंह की तहरीर और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के 156 (3) आदेश के तहत दर्ज हुआ था। साथ ही विवेचना भी शुरू हुई, लेकिन जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की झूठी कहानी रची है। पुलिस के मुताबिक 2021 के मामले में शिकायतकर्ता बर्खास्त हो गया था।
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उसपर डकैती, गो-तस्करी आदि का आरोप है। विभागीय स्तर से बर्खास्त होने के बाद पुलिस ने गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई की थी और वो जेल भी गया था। हालांकि जेल जाने के बाद शिकायतकर्ता कोर्ट की शरण में गया और जमानत लेकर बाहर आया और नौकरी करने लगा। हालांकि पुलिस के मुताबिक कोर्ट में जमानत के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र में उसने घटनाक्रम का जिक्र नहीं किया था।
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इधर, खुद को बचाने और अपनी खुन्नस निकालने के लिए झूठी कहानी रची और 156 (3) के तहत कोर्ट में प्रार्थना पत्र दे दिया। कोर्ट ने 21 सितंबर 2024 को मुकदमा दर्ज करते हुए विवेचना का आदेश नंदगंज पुलिस को दिया था।

एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सीजेएम के आदेश पर मुकदमा दर्जकर लिया गया। शिकायतकर्ता ने कोर्ट में तथ्यों को छिपाकर प्रार्थना पत्र दिया था। जबकि कोई घटनाक्रम हुआ ही नहीं। इस कारण विवेचना बंद कर मुकदमा को खारिज (स्पंज) कर दिया गया। साथ ही जुर्म खारिजा रिपोर्ट 30 नवंबर को कोर्ट में प्रेषित कर दी गई।
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