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Ghazipur News: अभिलेखीय खामियों से 52 हजार किसानों की पीएम किसान निधि अटकी
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गाजीपुर। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत बड़ी संख्या में किसानों की निधि अभिलेखीय कमियों के कारण अटक गई हैं। उपनिदेशक कृषि विजय कुमार के अनुसार जिले के 52,170 कृषक परिवारों की सूचनाएं भारत सरकार के पोर्टल पर अधूरी मिली हैं, जिसके चलते उन्हें मिलने वाली छह हजार रुपये वार्षिक सहायता फिलहाल रोक दी गई है।
योजना के तहत किसानों को वर्ष में तीन समान किस्तों में राशि सीधे आधार आधारित बैंक खातों में भेजी जाती है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 38,422 किसानों ने वरासत में मिली जमीन के पूर्व भू-स्वामी का सही विवरण पंजीकरण के समय दर्ज नहीं किया। वहीं 7,321 मामलों में एक ही भूमि पर पूर्व और वर्तमान दोनों भू-स्वामियों का नाम दर्ज मिला है। इसके अलावा 6,427 किसानों को एक फरवरी 2019 के बाद जमीन वरासत के अलावा अन्य माध्यमों से प्राप्त हुई, जिससे वे योजना की पात्रता से बाहर हो गए हैं।
उप कृषि निदेशक ने किसानों से जल्द से जल्द अपनी जानकारी अपडेट कराने की अपील की है। इसके लिए किसान जन सेवा केंद्र या ऑनलाइन माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण कर सकते हैं। इसके बाद पीएम किसान पोर्टल पर अपडेट मिसिंग इंफॉर्मेशन विकल्प के जरिए आवश्यक विवरण अपडेट करना होगा। सत्यापन के लिए किसानों को तहसील कार्यालय में पति-पत्नी के आधार कार्ड की छायाप्रति, वर्तमान खतौनी की प्रमाणित प्रति तथा यदि जमीन वरासत से मिली है तो मृतक भू-स्वामी का आधार कार्ड एवं मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति जमा करनी होगी।
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योजना के तहत किसानों को वर्ष में तीन समान किस्तों में राशि सीधे आधार आधारित बैंक खातों में भेजी जाती है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 38,422 किसानों ने वरासत में मिली जमीन के पूर्व भू-स्वामी का सही विवरण पंजीकरण के समय दर्ज नहीं किया। वहीं 7,321 मामलों में एक ही भूमि पर पूर्व और वर्तमान दोनों भू-स्वामियों का नाम दर्ज मिला है। इसके अलावा 6,427 किसानों को एक फरवरी 2019 के बाद जमीन वरासत के अलावा अन्य माध्यमों से प्राप्त हुई, जिससे वे योजना की पात्रता से बाहर हो गए हैं।
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उप कृषि निदेशक ने किसानों से जल्द से जल्द अपनी जानकारी अपडेट कराने की अपील की है। इसके लिए किसान जन सेवा केंद्र या ऑनलाइन माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण कर सकते हैं। इसके बाद पीएम किसान पोर्टल पर अपडेट मिसिंग इंफॉर्मेशन विकल्प के जरिए आवश्यक विवरण अपडेट करना होगा। सत्यापन के लिए किसानों को तहसील कार्यालय में पति-पत्नी के आधार कार्ड की छायाप्रति, वर्तमान खतौनी की प्रमाणित प्रति तथा यदि जमीन वरासत से मिली है तो मृतक भू-स्वामी का आधार कार्ड एवं मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति जमा करनी होगी।
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