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मेघबरन सिंह स्टेडियम से ध्यानचंद और केडी सिंह बाबू जैसे खिलाड़ी भी निकलेंगे : सीएम
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गाजीपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेल और खिलाड़ी को लेकर सरकार गंभीर है। इसके लिए नीति भी बनाई गई है। प्रधानमंत्री हर खिलाड़ी को खेलने के लिए प्रेरित करते हैं। खिलाड़ी देश के लिए जान लगाते हैं देश उनके लिए जान लगाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा सरकार प्राइवेट अकादमी को भी बढ़ावा दे रही है। मेघबरन सिंह स्टेडियम को पांच करोड़ रुपये दिए गए हैं। स्टेडियम के संस्थापक तेज बहादुर सिंह की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि इस स्टेडियम में जो खिलाड़ी दिख रहे हैं, उनमें तेज बहादुर सिंह की प्रतिमूर्ति नजर आती है।
इसी की देन है कि यहां से खिलाड़ी ओलंपिक में जा रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इस स्टेडियम से आने वाले समय में मेजर ध्यानचंद व केडी सिंह बाबू जैसे खिलाड़ी भी निकलेंगे। मुझे बताया गया कि इस ग्राउंड में पानी लगा है, कीचड़ है... यही हिम्मत है, यही आप सभी लोगों को विजेता बनाती है। सभी को विश्वास दिलाता हूं कि डबल इंजन की सरकार आप सबके साथ है।
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अब तक 500 खिलाड़ियों को सरकारी विभागों में अधिकारी का पद दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का अपना एक स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय मेरठ में बन रहा है। इस विवि को मेजर ध्यानचंद के नाम से जाना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह तय किया है कि हर जिले में एक स्टेडियम हो, हर ब्लॉक में एक मिनी स्टेडियम हो, हर गांव में एक खेल का मैदान हो। इसी का परिणाम है हमारे पास आज प्रदेश में दो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, 84 स्टेडियम, 67 बहुउद्देशीय हाल, 13 कुश्ती हाल, 38 तरणताल, 15 सिंथेटिक हॉकी मैदान, बैडमिंटन कोर्ट 14 बास्केटबॉल कोर्ट, 2 जूडो हाल सहित अन्य खेल से जुड़े मैदान हैं।
छात्रावास से जुड़े खिलाड़ियों को पहले 175 रुपये डाइट के लिए दिया जाता था। अब हमने उसे बढ़ाकर 375 कर दिया है। उनको शिक्षा व्यवस्था, प्रशिक्षण किट और अन्य चीज निशुल्क उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की जा रही है। हॉस्टलों में 50 अंतरराष्ट्रीय स्तर के रिटायर खिलाड़ियों को डेढ़ लाख प्रतिमाह प्रदान कर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। महिला और पुरुषों को अलग-अलग छात्रावास की व्यवस्था की गई है।
पुरुष खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार महिला खिलाड़ियों को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार हर वर्ष प्रदान किया जा रहा है, जो प्रशिक्षक हैं उन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार, मेजर ध्यानचंद पुरस्कार आदि प्रदान किया जा रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों को सरकार 20 हजार प्रतिमाह प्रदान कर रही है। ऐसे खिलाड़ी जो वृद्ध हैं उन्हें राष्ट्रीय स्तर के हैं उन्हें 6 हजार व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 10 हजार प्रदान किया जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने सभी खिलाड़ियों का बीमा भी कराया है। जिसके माध्यम से हमने अब तक 140 खिलाड़ियों को इससे आर्थिक सहायता प्रदान की है।
पूर्व सांसद ने किया आग्रह, सीएम ने स्वीकारा
गाजीपुर। पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह ने अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि वे स्टेडियम के संस्थापक अपने बड़े भाई स्वर्गीय तेज बहादुर सिंह की मूर्ति बनवा रहे हैं, जिसके पूर्ण होने पर अनावरण उनके हाथों से हो। इसपर सीएम ने कहा कि मैं भरोसा दिलाता हू्ं कि यदि अवसर मिलेगा तो जरूर आऊंगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा सरकार प्राइवेट अकादमी को भी बढ़ावा दे रही है। मेघबरन सिंह स्टेडियम को पांच करोड़ रुपये दिए गए हैं। स्टेडियम के संस्थापक तेज बहादुर सिंह की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि इस स्टेडियम में जो खिलाड़ी दिख रहे हैं, उनमें तेज बहादुर सिंह की प्रतिमूर्ति नजर आती है।
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इसी की देन है कि यहां से खिलाड़ी ओलंपिक में जा रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इस स्टेडियम से आने वाले समय में मेजर ध्यानचंद व केडी सिंह बाबू जैसे खिलाड़ी भी निकलेंगे। मुझे बताया गया कि इस ग्राउंड में पानी लगा है, कीचड़ है... यही हिम्मत है, यही आप सभी लोगों को विजेता बनाती है। सभी को विश्वास दिलाता हूं कि डबल इंजन की सरकार आप सबके साथ है।
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अब तक 500 खिलाड़ियों को सरकारी विभागों में अधिकारी का पद दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का अपना एक स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय मेरठ में बन रहा है। इस विवि को मेजर ध्यानचंद के नाम से जाना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह तय किया है कि हर जिले में एक स्टेडियम हो, हर ब्लॉक में एक मिनी स्टेडियम हो, हर गांव में एक खेल का मैदान हो। इसी का परिणाम है हमारे पास आज प्रदेश में दो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, 84 स्टेडियम, 67 बहुउद्देशीय हाल, 13 कुश्ती हाल, 38 तरणताल, 15 सिंथेटिक हॉकी मैदान, बैडमिंटन कोर्ट 14 बास्केटबॉल कोर्ट, 2 जूडो हाल सहित अन्य खेल से जुड़े मैदान हैं।
छात्रावास से जुड़े खिलाड़ियों को पहले 175 रुपये डाइट के लिए दिया जाता था। अब हमने उसे बढ़ाकर 375 कर दिया है। उनको शिक्षा व्यवस्था, प्रशिक्षण किट और अन्य चीज निशुल्क उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की जा रही है। हॉस्टलों में 50 अंतरराष्ट्रीय स्तर के रिटायर खिलाड़ियों को डेढ़ लाख प्रतिमाह प्रदान कर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। महिला और पुरुषों को अलग-अलग छात्रावास की व्यवस्था की गई है।
पुरुष खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार महिला खिलाड़ियों को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार हर वर्ष प्रदान किया जा रहा है, जो प्रशिक्षक हैं उन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार, मेजर ध्यानचंद पुरस्कार आदि प्रदान किया जा रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों को सरकार 20 हजार प्रतिमाह प्रदान कर रही है। ऐसे खिलाड़ी जो वृद्ध हैं उन्हें राष्ट्रीय स्तर के हैं उन्हें 6 हजार व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 10 हजार प्रदान किया जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने सभी खिलाड़ियों का बीमा भी कराया है। जिसके माध्यम से हमने अब तक 140 खिलाड़ियों को इससे आर्थिक सहायता प्रदान की है।
पूर्व सांसद ने किया आग्रह, सीएम ने स्वीकारा
गाजीपुर। पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह ने अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि वे स्टेडियम के संस्थापक अपने बड़े भाई स्वर्गीय तेज बहादुर सिंह की मूर्ति बनवा रहे हैं, जिसके पूर्ण होने पर अनावरण उनके हाथों से हो। इसपर सीएम ने कहा कि मैं भरोसा दिलाता हू्ं कि यदि अवसर मिलेगा तो जरूर आऊंगा।