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Ghazipur News: जर्जर स्लीपर पर टिका पीपा पुल
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सेवराई तहसील क्षेत्र को मुहम्मदाबाद और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला बारा पीपा पुल लकड़ी के जर्जर स्लीपर पर टिका है। अधिकांश स्लीपर जगह-जगह टूट चुके हैं तो कई सड़ चुके हैं। हादसे का खतरा बना हुआ है। लकड़ी के नए स्लीपर तो मंगाए गए हैं, लेकिन विभाग उसे इस सीजन के बाद लगाने की बात कह रहा है।
जमानिया के पास गंगा नदी पर पक्का पुल बनने के बाद वहां के पीपे को हटाकर बारा के पास गंगा नदी पर आवागमन के लिए बना दिया गया। चार महीने से पुल पर आवागमन भी चालू है। पैदल, दो और छोटे चार पहिया वाहन पुल से धड़ल्ले से गुजर रहे हैं लेकिन जर्जर पुल की अनदेखी किसी भी समय यात्रियों और राहगीरों की जान पर बन सकती है।
बारा गंगा घाट पर बने पीपा पुल में कुल 109 पीपे लगे हुए हैं। पुल पर बनी रेलिंग भी खराब है। पुल पर लगे स्लीपर ऊबड़-खाबड़ होने के कारण कई वाहन दुर्घटना के शिकार होते-होते बच रहे हैं। इस वर्ष भी मियाद पूरी कर चुके जर्जर स्लीपरों के भरोसे ही पुल को तैयार कर आवागमन शुरु कर दिया गया।
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फिरोज खां, अमजद खां का कहना है कि पिछले वर्ष कई दुर्घटनाएं पीपा पुल पर हुईं। इसके बाद भी विभाग नहीं चेता। शब्बू खां, एजाज खां, ओमकार यादव ने कहा कि पीपा पुल की बल्ली काफी जर्जर एवं पुरानी होने के कारण किनारे की लगी रेलिंग भी जुगाड़ के सहारे टिकी हुई है।
सेवराई तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांव और बिहार प्रांत के दर्जनों गांवों से मुहम्मदाबाद तहसील एवं पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए रोजाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं। इसके बाद भी लापरवाही से पुल बना दिया गया है। लोगों ने कहा कि मानकों की अनदेखी कर हादसे का पुल तैयार कर दिया गया है। विभागीय मेठ जामवंत यादव ने बताया कि 111 लकड़ी के स्लीपर आ गया है। अगली बार जर्जर स्लीपरों को बदल दिया जाएगा।
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जमानिया के पास गंगा नदी पर पक्का पुल बनने के बाद वहां के पीपे को हटाकर बारा के पास गंगा नदी पर आवागमन के लिए बना दिया गया। चार महीने से पुल पर आवागमन भी चालू है। पैदल, दो और छोटे चार पहिया वाहन पुल से धड़ल्ले से गुजर रहे हैं लेकिन जर्जर पुल की अनदेखी किसी भी समय यात्रियों और राहगीरों की जान पर बन सकती है।
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बारा गंगा घाट पर बने पीपा पुल में कुल 109 पीपे लगे हुए हैं। पुल पर बनी रेलिंग भी खराब है। पुल पर लगे स्लीपर ऊबड़-खाबड़ होने के कारण कई वाहन दुर्घटना के शिकार होते-होते बच रहे हैं। इस वर्ष भी मियाद पूरी कर चुके जर्जर स्लीपरों के भरोसे ही पुल को तैयार कर आवागमन शुरु कर दिया गया।
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फिरोज खां, अमजद खां का कहना है कि पिछले वर्ष कई दुर्घटनाएं पीपा पुल पर हुईं। इसके बाद भी विभाग नहीं चेता। शब्बू खां, एजाज खां, ओमकार यादव ने कहा कि पीपा पुल की बल्ली काफी जर्जर एवं पुरानी होने के कारण किनारे की लगी रेलिंग भी जुगाड़ के सहारे टिकी हुई है।
सेवराई तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांव और बिहार प्रांत के दर्जनों गांवों से मुहम्मदाबाद तहसील एवं पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए रोजाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं। इसके बाद भी लापरवाही से पुल बना दिया गया है। लोगों ने कहा कि मानकों की अनदेखी कर हादसे का पुल तैयार कर दिया गया है। विभागीय मेठ जामवंत यादव ने बताया कि 111 लकड़ी के स्लीपर आ गया है। अगली बार जर्जर स्लीपरों को बदल दिया जाएगा।