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अक्तूबर में चालू होने थे पीपा पुल, दो का टेंडर भी नहीं
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गंगा किनारे के दर्जनों गांवों के आवागमन का मुख्य जरिया पीपा पुल अभी दो जगहों पर शुरू नहीं हो पाया है। शासन और प्रशासन की तैयारियों के मुताबिक 15 अक्तूबर तक जनपद के रामपुर-बच्छलकापुरा, बारा और चोचकपुर में आवागमन के लिए पीपा पुल चालू करना होता है। लेकिन एक महीना अधिक बीत जाने के बाद भी सिर्फ चोचकपुर में रविवार शाम को पीपा पुल से आवागमन शुरू हो सका। जबकि अन्य दो जगहों पर अभी टेंडर नहीं हो सका है। इससे पीपा पुल का काम अधर में लटका है। इससे गंगा किनारे के कई गांवों के हजारों लोगों को रोजाना कुछ किमी की जगह लंबी दूरी तय करना पड़ रहा है।
जनपद में गंगा का प्रवाह क्षेत्र 97 किमी. होने से कई गांवों के आधा से अधिक खेत, बाजार, स्वास्थ्य केंद्र और रिश्तेदारी और नातेदारी गंगा के पार होते हैं। वहीं, रेवतीपुर और बारा क्षेत्र में सब्जी, धान आदि की खेती बड़े होने से हजारों किसानों, व्यवसायियों को रोजाना इधर से उधर जाना होता है। इधर अब लग्न भी शुरू होने वाला है। जिससे लोगों का एक गांव से दूसरे गांव आवागमन बढ़ेगा। ऐसे में पीपा पुल मुफीद होता है।
सुहवल संवाददाता के अनुसार, एक माह बीतने के बावजूद रामपुर- बच्छलकापुरा गंगा तट पर अभी तक पीपा पुल का निर्माण विभागीय उदासीनता के चलते नहीं हो सका है। जिससे लोग मिनटों का सफर घंटों में तय करने को विवश हैं। लोगों ने बताया कि हर वर्ष यही हाल रहता है। मुहम्मदाबाद और सेवराई को जोड़ने वाला प्रमुख पीपा पुल कभी समय से चालू नहीं हो सका।
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जबकि गंगा के दोनों तरफ के किसान बड़े पैमाने पर तलहटी में खेती करते है। इसके अलावा वादकारी, छात्रों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों आदि का पुल से आवागमन रहता है। आलम यह है कि लोगों को मिनटों का सफर करीब 25 किमी दूर तय कर घंटो में रेवतीपुर, पकडी, डेढगावां, साईंतबाध, सुहवल, मेदिनीपुर से गंगा नदी पक्का पुल होते हुए मुहम्मदाबाद जाना पड़ रहा है।
बारा संवाददाता के अनुसार, स्थानीय गंगा तट पर पीपा पुल समय से तैयार नहीं होने के कारण हजारों की आबादी प्रभावित हो रही है। लगन और खेती का सीजन होने से और भी परेशानी बढ़ गई है क्योंकि लोग नाव से गंगा पार के इलाकों में आवागमन कर रहे हैं। लोगों ने शीघ्र निर्माण व संचालन की प्रशासन से मांग की है।
सेवराई तहसील व बिहार के दर्जनों गांवों से पूर्वांचल एक्सप्रेस- वे, मुहम्मदाबाद व बलिया जनपद जाने के लिए बीते साल जनवरी में जैसे-तैसे बारा गंगा घाट पर पीपा पुल का निर्माण हुआ था, ताकि लोगों को गंगा पार करने में सुविधा हो सके। लोगों का कहना है कि यह पीपा पुल विभागीय अधिकारियों की उदासीनता से समय से निर्मित नहीं हो पा रहा है। इससे लोग नाव से गंगा पार के इलाकों में आवागमन कर रहे हैं। चार पहिया वाहन वाले करीब 40 से 45 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर गाजीपुर या फिर बिहार प्रांत के बक्सर से अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
बारा में पीपा पुल चालू करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। टेंडर होने पर पीपा पुल का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
अमित यादव, जेई
रामपुर-बच्छलकापुरा पीपा पुल के लिए अभी टेंडर की प्रक्रिया नहीं हो सकी है। इसके पूरे होते ही एक हफ्ते के अंदर पीपा पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
महेंद्र, अवर अभियंता लोनिवि खंड तृतीय
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जनपद में गंगा का प्रवाह क्षेत्र 97 किमी. होने से कई गांवों के आधा से अधिक खेत, बाजार, स्वास्थ्य केंद्र और रिश्तेदारी और नातेदारी गंगा के पार होते हैं। वहीं, रेवतीपुर और बारा क्षेत्र में सब्जी, धान आदि की खेती बड़े होने से हजारों किसानों, व्यवसायियों को रोजाना इधर से उधर जाना होता है। इधर अब लग्न भी शुरू होने वाला है। जिससे लोगों का एक गांव से दूसरे गांव आवागमन बढ़ेगा। ऐसे में पीपा पुल मुफीद होता है।
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सुहवल संवाददाता के अनुसार, एक माह बीतने के बावजूद रामपुर- बच्छलकापुरा गंगा तट पर अभी तक पीपा पुल का निर्माण विभागीय उदासीनता के चलते नहीं हो सका है। जिससे लोग मिनटों का सफर घंटों में तय करने को विवश हैं। लोगों ने बताया कि हर वर्ष यही हाल रहता है। मुहम्मदाबाद और सेवराई को जोड़ने वाला प्रमुख पीपा पुल कभी समय से चालू नहीं हो सका।
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जबकि गंगा के दोनों तरफ के किसान बड़े पैमाने पर तलहटी में खेती करते है। इसके अलावा वादकारी, छात्रों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों आदि का पुल से आवागमन रहता है। आलम यह है कि लोगों को मिनटों का सफर करीब 25 किमी दूर तय कर घंटो में रेवतीपुर, पकडी, डेढगावां, साईंतबाध, सुहवल, मेदिनीपुर से गंगा नदी पक्का पुल होते हुए मुहम्मदाबाद जाना पड़ रहा है।
बारा संवाददाता के अनुसार, स्थानीय गंगा तट पर पीपा पुल समय से तैयार नहीं होने के कारण हजारों की आबादी प्रभावित हो रही है। लगन और खेती का सीजन होने से और भी परेशानी बढ़ गई है क्योंकि लोग नाव से गंगा पार के इलाकों में आवागमन कर रहे हैं। लोगों ने शीघ्र निर्माण व संचालन की प्रशासन से मांग की है।
सेवराई तहसील व बिहार के दर्जनों गांवों से पूर्वांचल एक्सप्रेस- वे, मुहम्मदाबाद व बलिया जनपद जाने के लिए बीते साल जनवरी में जैसे-तैसे बारा गंगा घाट पर पीपा पुल का निर्माण हुआ था, ताकि लोगों को गंगा पार करने में सुविधा हो सके। लोगों का कहना है कि यह पीपा पुल विभागीय अधिकारियों की उदासीनता से समय से निर्मित नहीं हो पा रहा है। इससे लोग नाव से गंगा पार के इलाकों में आवागमन कर रहे हैं। चार पहिया वाहन वाले करीब 40 से 45 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर गाजीपुर या फिर बिहार प्रांत के बक्सर से अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
बारा में पीपा पुल चालू करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। टेंडर होने पर पीपा पुल का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
अमित यादव, जेई
रामपुर-बच्छलकापुरा पीपा पुल के लिए अभी टेंडर की प्रक्रिया नहीं हो सकी है। इसके पूरे होते ही एक हफ्ते के अंदर पीपा पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
महेंद्र, अवर अभियंता लोनिवि खंड तृतीय