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कवियों की रचनाएं सुन गद्गद हुए लोग
संवाददाता, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Mon, 02 Feb 2015 11:20 PM IST
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सुहवल क्षेत्र के रेवतीपुर स्थित बीएसडी प्िब्लक स्कूल में रविवार की शाम कवि
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सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए
कवियों और शायरों ने अपनी रचनाएं सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी।
सचिदा राय चाचा और अरविंद किशोर राय ने बाबा श्याम दास जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर बिहार से आए फारुख सरयावी ने अपनी रचना वतन के नाम पर हम कुछ ऐसा कर देंगे सुनाई। जिसे लोगों ने खूब सराहा।
मिथलेश गहमरी ने मेरे मालिक बिना तेरे इशारे के कोई पत्ता नहीं हिलता, विभा सिंह ने दर्द मेरा है, लेकिन आप तड़पते क्यों है सुनाकर कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की।
इसी क्रम में रियाज बनारसी ने अपनी रचना हम एक हैं सुनाकर लोगों को रोमांचित कर दिया। इस मौके पर कुमार प्रवीण, विकल साकेती, श्रीराम प्रसाद सरगम, विनय राय बबुरंग, डा. अनिल चौबे, हृदयनारायण शर्मा, फजीहत गहमरी, आकाश विजय, अरमान सिद्दीकी आदि ने अपनी रचनाएं सुनाकर लोगों की सराहना बटोरी।
संचालन हरिनारायण हरिश ने किया। विद्यालय के प्रबंधक विपिन बिहारी राय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
सचिदा राय चाचा और अरविंद किशोर राय ने बाबा श्याम दास जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर बिहार से आए फारुख सरयावी ने अपनी रचना वतन के नाम पर हम कुछ ऐसा कर देंगे सुनाई। जिसे लोगों ने खूब सराहा।
मिथलेश गहमरी ने मेरे मालिक बिना तेरे इशारे के कोई पत्ता नहीं हिलता, विभा सिंह ने दर्द मेरा है, लेकिन आप तड़पते क्यों है सुनाकर कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की।
इसी क्रम में रियाज बनारसी ने अपनी रचना हम एक हैं सुनाकर लोगों को रोमांचित कर दिया। इस मौके पर कुमार प्रवीण, विकल साकेती, श्रीराम प्रसाद सरगम, विनय राय बबुरंग, डा. अनिल चौबे, हृदयनारायण शर्मा, फजीहत गहमरी, आकाश विजय, अरमान सिद्दीकी आदि ने अपनी रचनाएं सुनाकर लोगों की सराहना बटोरी।
संचालन हरिनारायण हरिश ने किया। विद्यालय के प्रबंधक विपिन बिहारी राय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।