{"_id":"dbdfa425eee02c3019c5cf153c3d9e80","slug":"people-are-frightened-under-the-open-sky-and-greet-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहमे लोग खुले आसमान के नीचे करते रहे राम-राम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहमे लोग खुले आसमान के नीचे करते रहे राम-राम
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर।
Updated Mon, 27 Apr 2015 11:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीते तीन दिनों से भूकंप के झटके आने से हर कोई सहमा रहा। अगले कई
विज्ञापन
दिनों तक ऐसे झटके आने की खबरों से लोग सहमे हुए हैं। ऐसे में रविवार की
रात लोगों ने घरों को छोड़कर खुले आसमान के नीचे रात काटी।
रात करीब तीन बजे तक लोग अपनों के साथ खुले आसमान के नीचे ही रहे। इस बीच अफवाहों का भी बाजार गरम रहा। कहीं रात में जलजला आने तो कहीं पानी जहरीला होने की अफवाहों ने रात भर लोगों को बेचैन किया।
बीते शनिवार के बाद रविवार की दोपहर करीब 12:44 बजे जिले भर में भूकंप का झटका महसूस किया गया था। इसको लेकर हर कोई सहमा हुआ था। विभिन्न प्रसारण माध्यमों से लोगों को जानकारी हुई कि रात में 11 से 3 बजे तक फिर भूकंप के झटके आ सकते हैं। इसको लेकर लोग पूरी तरह से सहमे थे।
ऐसे में हर किसी को अपनी जान बचाने की चिंता सताने लगी। लिहाजा अपनी जान बचाने के लिए लोग घरों के बाहर सड़क, पार्क या फिर खुले आसमान के नीचे आ गए। इन जगहों पर लोग परिवारीजनों के साथ रात करीब तीन बजे तक जमे रहे। इस बीच कई बार भूकंप आने की अफवाह भी उड़ती रही।
शहर के आमघाट गांधी पार्क, टाउन हाल, लंका मैदान सहित अन्य खुले जगहों पर लोगों की भीड़ जमा रही। लेकिन भूकंप नहीं आने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
रात करीब तीन बजे तक लोग अपनों के साथ खुले आसमान के नीचे ही रहे। इस बीच अफवाहों का भी बाजार गरम रहा। कहीं रात में जलजला आने तो कहीं पानी जहरीला होने की अफवाहों ने रात भर लोगों को बेचैन किया।
बीते शनिवार के बाद रविवार की दोपहर करीब 12:44 बजे जिले भर में भूकंप का झटका महसूस किया गया था। इसको लेकर हर कोई सहमा हुआ था। विभिन्न प्रसारण माध्यमों से लोगों को जानकारी हुई कि रात में 11 से 3 बजे तक फिर भूकंप के झटके आ सकते हैं। इसको लेकर लोग पूरी तरह से सहमे थे।
ऐसे में हर किसी को अपनी जान बचाने की चिंता सताने लगी। लिहाजा अपनी जान बचाने के लिए लोग घरों के बाहर सड़क, पार्क या फिर खुले आसमान के नीचे आ गए। इन जगहों पर लोग परिवारीजनों के साथ रात करीब तीन बजे तक जमे रहे। इस बीच कई बार भूकंप आने की अफवाह भी उड़ती रही।
शहर के आमघाट गांधी पार्क, टाउन हाल, लंका मैदान सहित अन्य खुले जगहों पर लोगों की भीड़ जमा रही। लेकिन भूकंप नहीं आने पर लोगों ने राहत की सांस ली।