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पैसा न होने पर बैंक में जड़ दिया ताला
ब्यूरो,अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Fri, 09 Dec 2016 10:38 PM IST
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स्थानीय ग्रामीण में खड़े लोगों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब शुक्रवार को साढ़े दस बजे बैंक कर्मी ने आकर कहा कि कैश नहीं है। इसके बाद मौजूद लोग हो हल्ला करने लगे और बैंक में ताला जड़ दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। दो घंटे बैंक का ताला खुला।
शुक्रवार को ग्रामीण बैंक पर खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग शाखा में पहुंच गए। जैसे ही दस बजा, लोगों ने सोचा कि अब बैंक कर्मी आकर बैंक खोलेंगे, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं आया। दिन में साढ़े दस बजे कर्मी पहुंचे। इस पर लोगों पूछा कि नोट के लिए हो रही मार-मारी के दौर में भी आप लोग आधा घंटा विलंब से बैंक खोल रहे हैं और कैश है या नहीं।
इस पर कर्मी ने जैसे ही बताया कि कैश नहीं है, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने बैंक कर्मियाें को बाहर ही रोकर कर गेट पर ताला जड़ दिया। नाराज लोग बैंक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। तालाबंदी करने वाले ग्राहकों का आरोप था कि बैंक कर्मी अक्सर देर से ही बैंक आते हैं। इसकी वजह से लेन-देन के काम में भी विलंब होता है। लोगों ने कहा बैंक कर्मियाें को अच्छी तरह से पता है कि नोटबंदी के बाद से पैसे के लिए मारामारी मची हुई है।
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बावजूद इसके बैंक की तरफ से लापरवाही बरती जा रही है। एक तो कर्मचारी देर से आ रहे हैं, उस कैश भी नहीं मिल पा रहा है। करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी शिवराज ने लोगों को समझा बुझाकर बैंक का गेट ताला खुलवाया। इस मौके पर सुशीला देवी, नसीबन बेगम, बचानी देवी, पुष्पा देवी, दुखंती देवी, मालती, उर्मिला, राधिका, मनीषा गुप्ता, जानकी देवी, अशोक दुबे, रानी देवी, रामविलास, पार्वती, जानकी देवी, रेनू, तारा सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।
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शुक्रवार को ग्रामीण बैंक पर खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग शाखा में पहुंच गए। जैसे ही दस बजा, लोगों ने सोचा कि अब बैंक कर्मी आकर बैंक खोलेंगे, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं आया। दिन में साढ़े दस बजे कर्मी पहुंचे। इस पर लोगों पूछा कि नोट के लिए हो रही मार-मारी के दौर में भी आप लोग आधा घंटा विलंब से बैंक खोल रहे हैं और कैश है या नहीं।
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इस पर कर्मी ने जैसे ही बताया कि कैश नहीं है, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने बैंक कर्मियाें को बाहर ही रोकर कर गेट पर ताला जड़ दिया। नाराज लोग बैंक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। तालाबंदी करने वाले ग्राहकों का आरोप था कि बैंक कर्मी अक्सर देर से ही बैंक आते हैं। इसकी वजह से लेन-देन के काम में भी विलंब होता है। लोगों ने कहा बैंक कर्मियाें को अच्छी तरह से पता है कि नोटबंदी के बाद से पैसे के लिए मारामारी मची हुई है।
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बावजूद इसके बैंक की तरफ से लापरवाही बरती जा रही है। एक तो कर्मचारी देर से आ रहे हैं, उस कैश भी नहीं मिल पा रहा है। करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी शिवराज ने लोगों को समझा बुझाकर बैंक का गेट ताला खुलवाया। इस मौके पर सुशीला देवी, नसीबन बेगम, बचानी देवी, पुष्पा देवी, दुखंती देवी, मालती, उर्मिला, राधिका, मनीषा गुप्ता, जानकी देवी, अशोक दुबे, रानी देवी, रामविलास, पार्वती, जानकी देवी, रेनू, तारा सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।